जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में स्वाइन फ्लू को लेकर किए गए इंतजाम पर रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन और जीएमसी प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। डाक्टरों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें विशेष एन-95 मास्क मुहैया नहीं करवाए गए हैं।
ऐसे में उन्हें असुरक्षित माहौल में सेवाएं देनी पड़ रही हैं। इससे स्वाइन फ्लू की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने साफ किया कि अगर उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया तो उन्हें मजबूरन कामकाज प्रभावित कर विरोध दर्ज करवाना होगा।
एसोसिएशन के प्रधान डा. नीरज शर्मा ने कहा कि पिछले तीन दिन से एसोसिएटेड अस्पतालों में सेवाएं दे रहे डाक्टरों को मास्क उपलब्ध करवाने के लिए कुछ नहीं किया गया है। इमरजेंसी और आइसोलेशन यूनिटों में ही यह सुविधा दी गई है।
ओपीडी, जनरल वार्डों सहित अन्य यूनिटों में डाक्टर बिना मास्क ही सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मास्क के लिए सुपर स्पेशलिटी, जीएमसी अधीक्षकों से बात की गई तो उनका तर्क था कि डाक्टरों को मास्क देने के लिए उन्हें कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
जम्मू कश्मीर में टेमीफ्लू टेबलेट की भी किल्लत
जीएमसी में टेमीफ्लू टेबलेट की भी किल्लत बनी हुई है। दवाई की यह खपत सोमवार शाम तक पहुंचने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों को मजबूरन खुद खरीदकर महंगे मास्क लेकर ड्यूटी पर आना पड़ रहा है। ओपीडी और इमरजेंसी ब्लाक में हाईरिस्क जोन में डाक्टर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू गाइड लाइन पर अमल करने में अस्पताल प्रशासन विफल रहा है।
उन्होंने कहा कि रविवार को कैजुल्टी में सेवाएं दे रहे डाक्टरों को मास्क उपलब्ध करवाए गए, लेकिन ये नाकाफी हैं। सभी डाक्टरों को एन-95 मास्क उपलब्ध करवाए जाएं, जिनका असर दस घंटे तक रहता है।
उन्होंने रहा कि जीएमसी की इमरजेंसी और ओपीडी के लिए 150, एसएमजीएस के लिए 90-100, सुपर स्पेशलिटी के लिए 100 एन 95 मास्क की जरूरत है। उन्होंने रविवार को चोपड़ा नर्सिगिं होम में बिना सुरक्षा के बीच तीमारदार द्वारा डाक्टर से अभद्र व्यवहार की घटना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बार बार आग्रह करने पर भी डाक्टरों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं बनाया गया है।
स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए चोपड़ा नर्सिगिं होम आइसोलेशन यूनिट में सेवाएं दे रहे डाक्टरों को एन-95 मास्क दिए जा रहे हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में भी मास्क दिए जा रहे हैं। डाक्टरों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
-घनश्याम देव गुप्ता, प्रिंसिपल जीएमसी