जिला उपायुक्त कार्यालय से जारी होने वाले गन लाइसेंस का डिजीटाइजेशन शुरू किया गया है। इसके चलते गन लाइसेंस का रिकार्ड आनलाइन दर्ज किया जाएगा। 31 अक्तूबर, 2015 तक आनलाइन आवेदन के लिए फार्म जमा किए जाएंगे। इसके लिए डीसी आफिस से नि:शुल्क फार्म दिए जा रहे हैं। सिंगल विंडो पर इन दिनों फार्म लेकर भरने वालों की भीड़ जुट रही है।
जिला उपायुक्त कार्यालय में पिछले दिनों से गन लाइसेंस का डिजीटाइजेशन शुरू किया गया है। आनलाइन हुए रिकार्ड में अभी तक मात्र इतना ही डाटा फीड किया गया है कि किस जिले में कितने गन लाइसेंस जारी हुए हैं।
डीसी आफिस से नि:शुल्क फार्म दिए जा रहे हैं, जो कि 31 अक्तूबर भरे जा सकते हैं। गन लाइसेंस धारकों को गन फार्म में जानकारी भरने के बाद गन लाइसेंस की फोटो कापी सिंगल विंडो में जमा करवाती है, ताकि रिकार्ड को अच्छे से मेनटेन किया जा सके। किसी प्रकार की कोई खामी न रहे। इसलिए अगर इस पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
2009 के रिकार्ड के मुताबिक पूरे जम्मू-कश्मीर में दो लाख से अधिक गन लाइसेंस जारी किए जा चुके। अभी तक मात्र इतना ही डाटा फीड किया गया है कि किस जिले में कितने गन लाइसेंस जारी हुए हैं
2009 के रिकार्ड के मुताबिक पूरे जम्मू-कश्मीर में दो लाख से अधिक गन लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
इनमें से डोडा में 28 हजार से ज्यादा, राजोरी में 18 हजार से ज्यादा, रामबन और शोपियां में 15 हजार से ज्यादा, किश्तवाड़ में 13 हजार, उधमपुर में 10 हजार और जम्मू में नौ हजार से ज्यादा गन लाइसेंस जारी किए गए हैं, लेकिन अब के आनलाइन किए जाने वाले रिकार्ड में व्यक्तिगत रूप से डाटा फीड किया जाएगा।