जम्मू। डेंगू का डंक बढ़ता जा रहा है। जीएमसी में डेंगू से एक महिला मरीज की मौत हुई है। बताया जाता है कि उधमपुर निवासी इस महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन उसकी हालत लगातार खराब होती चली गई। डेंगू पाजिटिव होने के बाद उसे कई अन्य शारीरिक समस्याएं हो गई, जिससे उसे बचाया नहीं जा सका। इससे पहले राजोरी के सुरनकोट के एक निजी गार्ड की डेंगू से मौत हुई है। प्रदेश में अब तक 201 डेंगू के मामले मिल चुके हैं, जिसमें जिला जम्मू में ही 78 फीसदी मामले हैं।
शहर के अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जीएमसी के मेडिसिन विभाग के अलावा प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में बाल रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिला जम्मू के विभिन्न इलाके डेंगू से प्रभावित हैं। इनमें अधिकांश मरीज कई दिन घर पर बीमार रहने के बाद अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी हालत अधिक खराब हो रही है। इसके साथ वायरल बुखार के मरीज भी बढ़ रहे हैं। अब तक मिले कुल मामलों में से सर्वाधिक जिला जम्मू से 157 मामले मिले हैं। इसमें सभी वर्ग के लोग प्रभावित हैं। इसके अलावा जिला सांबा में 16, कठुआ में 7, उधमपुर में 2, रियासी में 3, राजोरी में 5, पुंछ, डोडा, रामबन में 1-1, कश्मीर में 2, अन्य राज्यों से 2 और चार बिना शिनाख्त वाले मामले हैं। दैनिक आधार पर रिपोर्ट होने वाले मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें प्रतिदिन 5-10 मामले मिल रहे हैं। डेंगू से पी ड़ित होने वाले कई मरीज उपचार के लिए दूसरे राज्यों के अस्पतालों का भी रुख कर रहे हैं। जम्मू संभाग में अब तक वर्ष 2013 में सर्वाधिक 1838 डेंगू के मामले मिले थे और चार लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2020 की तुलना में इस साल अब तक कई गुणा अधिक डेंगू के मामले मिल चुके हैं। स्टेट मलेरियाजिस्ट डा. बेलू शर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से हर स्तर पर मच्छरों के सफाए के लिएअभियान चला रहा है। लेकिन इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना जरूरी है। उन्हेें डेंगू के लिए दिए निर्देशावली का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
दूसरे चरण की फागिंग शुरू
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए नगर निगम जम्मू के क्षेत्राधिकार में आने वाले वार्डों में दूसरे राउंड की फागिंग शुरू की गई है। इसमें शनिवार को वार्ड 12, 24, 25, 27, 28 और 26 के कुछ हिस्सों में फागिंग की गई। विभागीय टीमों को सुबह और शाम के सत्र में दो बार फागिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल मानसून के सामान्य से लंबा खींचने के कारण भी मच्छरों को पनपने में मदद मिली है। मौजूदा मौसम मच्छरों के लिए अनुकूल बना हुआ है। तापमान गिरने पर ही डेंगू से राहत मिलेगी।