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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में बढ़ती जा रही डेंगू के मरीजों की संख्या, अब तक 617 मामले आए सामने

Thu, 28 Oct 2021 02:15 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जम्मू मेडिकल कालेज और अन्य अस्पतालों में उपचार करवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें अधिकांश डेंगू के साथ वायरस बुखार से पीड़ित हैं। 
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कठुआ में छिड़काव करता नगर पालिका का कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में तापमान में गिरावट के बावजूद डेंगू का डंक जारी है। प्रदेश में डेंगू के पीड़ितों का आंकड़ा 617 तक पहुंच गया है, जिसमें जिला जम्मू से ही 425 पीड़ित हैं और यह कुल मामलों में से 69 फीसदी हैं। बुधवार को जिला जम्मू में 12 नए मामले सामने आए।

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इस दौरान डेंगू के साथ वायरस बुखार ने भी तेजी आई है। शहर के प्रमुख जीएमसी और एसएमजीएस अस्पतालों में शिशु रोगियों के साथ अन्य बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिसमें डेंगू के साथ वायरस बुखार से पीड़ित हैं। वायरल बुखार 5-7 दिन तक मानव शरीर पर हावी रह रहा है। अक्तूबर माह में डेंगू के मामलों ने गति पकड़ी है।

जिला जम्मू अधिक प्रभावित हैं। यहां अनाधिकारिक तौर पर प्रतिदिन 20-30 मामले मिल रहे हैं, जिसमें आधे ही मामले सरकारी अस्पतालों में पंजीकृत हो रहे हैं, जबकि अन्य मामलों में तीमारदार अपने पीड़ितों को दूसरे राज्यों के अस्पतालों में ले जा रहे हैं।
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जिला कठुआ में बुधवार को 8 नए मामलों के साथ कुल आंकड़ा 92 तक पहुंच गया। इसके अलावा सांबा जिला भी डेंगू से अधिक प्रभावित है। लगातार मिल रहे डेंगू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। 

कठुआ में डेंगू के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है उपचार, जीएमसी में जांच किट खत्म 
कठुआ जिले में तमाम दावों के बावजूद डेंगू के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा के अनुरूप जांच की सहूलियत नहीं मिल पा रही है। डेंगू की रोकथाम के पर्याप्त प्रबंध किए जाने की लगातार उठ रही मांगों के बावजूद अब तक व्यवस्था में सुधार नही हो पाया है।

नतीजा यह है कि जिला मुख्यालय पर जीएमसी की सुविधा होने के बावजूद मरीजों को पड़ोसी राज्य के निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। जिले के जीएमसी अस्पताल में डेंगू जांच किट न होने से मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। इसी वजह से डेंगू के मरीजों की सही जानकारी सामने नहीं आ पा रही है। शहर के वार्ड दो निवासी मरीज मोहित पिछले पांच दिनों से बुखार में तपने के बाद भी जांच न हो पाने के कारण अब पंजाब के निजी अस्पताल का रुख कर लिया है।

उनके परिजनों ने बताया कि शनिवार को पहली बार जीएमसी कठुआ में उपचार के लिए आए थे। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर ने डेंगू की जांच के लिए परामर्श दिया। लेकिन मंगलवार तक जांच न होने के कारण उन्हें मजबूर होकर पंजाब में जाना पड़ा है। शहर से सटे गोविंदसर गांव में अबतक 50 से अधिक लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है और कई अन्य मरीज आज भी बीमार है।

इन मरीजों के उपचार के लिए स्थापित जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाओं का अभाव सरकार की तैयारियों की पोल खोल रहा है। इस बारे में जीएमसी कठुआ माइक्रो बायोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. नताशा की माने तो पिछले तीन चार दिन से जांच किट्स खत्म होने के चलते जीएमसी में जांच नहीं हो पा रही थी। अब किट्स मंगवा लिए गया है और जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

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