वरिष्ठ नागरिकों ने पत्र में लिखा है कि अल्पकालिक वित्तीय लाभ के लिए डुग्गर प्रदेश की विरासत और संस्कृति की पहचान से समझौता करना, जम्मू के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करने से भी वंचित करना है।
मुबारक मंडी में रानियों के आवास को हेरिटेज होटल में बदलने के विरोध में जम्मू के 100 वरिष्ठ नागरिकों ने उप-राज्यपाल को पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि मुबारक मंडी एक संरक्षित स्मारक है, ऐसे में इसके किसी भी हिस्से का कामर्शियल उपयोग करना जम्मू-कश्मीर प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम 1977 का उल्लंघन होगा। मुबारक मंडी के विश्व धरोहर स्थल बनने की आपार संभावनाएं है, लेकिन होटल बनाने के फैसले से इसका वजूद खत्म हो जाएगा। मुबारक मंडी सिर्फ एक संरक्षित स्मारक ही नहीं, बल्कि यह लोगों को इस क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति से जोड़ने और गर्व करवाने का स्थान है।
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कहा कि राजस्थान सहित अन्य राज्यों ने असुरक्षित निजी विरासतों के पुन: उपयोग या हेरिटेज होटल में बदलने की नीति बनाई है, लेकिन किसी भी राज्य में संरक्षित स्मारक का निजी उपयोग नहीं किया गया है।