जम्मू। सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल वारियर संघ जम्मू-कश्मीर का वार्षिक सम्मेलन रविवार को हुआ। इसमें मेयर चंद्र मोहन गुप्ता मुख्य और नरिंदर सिंह भाऊ विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद सेवानिवृत्त अर्धसैनिक कर्मियों की मांगों और समस्याओं को मेयर के समक्ष उठाया गया।
एसोसिएशन के सदस्यों ने विभिन्न मांगों के साथ-साथ उनकी समस्याओं को उजागर किया। संघ की प्रमुख मांग सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच वेतनमान में असमानता को दूर करना है। मांग उठाई कि सेना के सैन्य विशेष वेतन के पैटर्न पर वेतन दिया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में ओआरओपी लागू करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की भी मांग उठाई। प्रधान राम लाल डोगरा ने कहा कि सरकार ने हमेशा सौतेला व्यवहार किया है। वह अर्धसैनिक बलों को सभी लाभ प्रदान करने में विफल रही। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक वास्तविक मांग पूरी नहीं होती है, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। नई पेंशन योजना के बजाय पुरानी पेंशन योजना को लागू करने, एक रैंक एक पेंशन प्रदान करने, जीएसटी में 100 प्रतिशत छूट देने की मांग की।
जिला स्तर पर अर्धसैनिक सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन करना और अर्धसैनिक बलों को सशक्त केन्द्रीय विद्यालय सुविधा प्रदान करन भी मांगों में शामिल है। मेयर ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साहसिक नेतृत्व में राष्ट्रहित से संबंधित कार्यों को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने एसोसिएशन को आश्वासन दिया कि वह इसके समाधान के लिए आलाकमान के साथ अपनी सभी मांगों पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और असम राइफल्स सहित अर्धसैनिक बलों के पूर्व कर्मी, उनके परिजन व आश्रित मौजूद रहे।