रियासी। परिसीमन आयोग के नई विधानसभाओं के गठन के प्रस्ताव पर रियासी में भी विरोध शुरू हो गया है। गूल अरनास और गुलाबगढ़ विधानसभा का अस्तित्व समाप्त होने के प्रस्ताव के बाद वीरवार को लोगों ने इसका विरोध किया।
अरनास में स्थानीय युवाओं की हुई एक बैठक में कहा गया कि गूल अरनास विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व समाप्त कर उसे रियासी के साथ मिलाया जा रहा है। अरनास के साथ ही ब्लॉक थुरू, जिजबगली, ठाकराकोट भी रियासी से जोड़े जा रहे हैं। अरनास को रियासी के साथ जोड़ा जाना गलत नहीं है। लेकिन, पुरानी विधानसभा को बने रहने देना चाहिए था।
वहीं, माहौर में कांग्रेस के जिला उपप्रधान अधिवक्ता शेख अयाज हुसैन ने प्रेसवार्ता में कहा कि परिसीमन आयोग के प्रस्ताव में भाजपा नेताओं की जुगलबंदी नजर आती है। भाजपा ने अपना फायदा देखते हुए कई ग्रामीण क्षेत्रों, ब्लॉक और तहसील में तोड़ मरोड़ की है। लोगों को इससे कोई फायदा नहीं मिलने वाला। सारा लाभ भाजपा के नेताओं को होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी के नाम से नई विधानसभा बनाने के प्रस्ताव का वह स्वागत करते हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों की तरफ भी ध्यान दिया जाना चाहिए था।