जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मशहूर ओयो ग्रुप के साथ मिलकर होम स्टे खोले जाएंगे। इस साल के अंत तक 200 होम स्टे खोले जाएंगे जो ओयो प्लेटफार्म पर उपलब्ध होंगे। मिशन यूथ के तहत सरकार 500 युवाओं को होम स्टे खोलने के लिए मदद करेगी। इसके तहत उन्हें 50 हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी।
पहले चरण में पहलगाम में 20 होम स्टे खुलेंगे, जिसमें से 10 ने काम करना शुरू कर दिया है। इस पहल से उधमपुर, डोडा, पहलगाम व कोकरनाग में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में गुरुवार को क्राउन ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया के तहत ओयो ग्रुप ने राजभवन में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया।
उप राज्यपाल ने कहा कि सरकार घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर की समृद्धशाली ग्रामीण संस्कृति व परंपराओं से अवगत कराने के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। बेहतर रोड कनेक्टिविटी के साथ ही बिजली-पानी की आपूर्ति, मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही है। टूरिस्ट विलेज नेटवर्क के तहत युवाओं व स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने की कोशिश की जा रही है। कहा कि इस नए प्रयास से ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही ग्रामीण उत्पादों व रोजगार के अवसर भी ग्रामीण इलाकों में सृजित होंगे।
ग्रामीण संस्कृति को समझने का मिलेगा मौका
ग्रामीण इलाकों में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जम्मू-कश्मीर को ईश्वर ने कुदरती सुंदरता प्रदान कर रखी है। ग्रामीण इलाकों में होम स्टे की सुविधा से यहां की संस्कृति व परंपरा को जानने-समझने का मौका मिलेगा।
पर्यटन की संभावनाओं का सदुपयोग करें डीडीसी
उन्होंने डीडीसी तथा पंचायती राज संस्थानों व अन्य हितधारकों को ग्रामीण इलाकों में उपलब्ध पर्यटन की अपार संभावनाओं का सदुपयोग करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। ओयो के सीईओ रोहित कपूर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ भागीदारी से ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी। रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
महिलाएं व युवा होंगे सशक्त, आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा साकार
उप राज्यपाल ने कहा कि इस नई पहल से स्थानीय समुदाय सशक्त होगा। खासकर महिलाएं व युवा जिससे आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकेगा। वोकल फॉर लोकल उत्पाद योजना के तहत व्यक्तिगत के साथ ही उद्यमिता संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा जिससे गरीबी कम होगी। साथ ही सतत विकास का रास्ता भी तैयार होगा।