देश की आजादी से लेकर अब तक के शहीदों को नमन करने और उनके परिवारों को सम्मानित करने आए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर की धरती से पड़ोसी मुल्क चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। साफ शब्दों में चेताया कि अब भारत कमजोर देश नहीं बल्कि शक्तिशाली राष्ट्र है। उसकी सीमाओं का अतिक्रमण करने का कोई साहस नहीं दिखा सकता। विदेशी ताकतें भारत की ओर अब आंख उठाकर देखने की जुर्रत नहीं कर सकतीं। यदि युद्ध हुआ तो भारत की जीत होगी।
जम्मू में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में शहीद परिवारों के लिए आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पड़ोसी देश चीन व पाकिस्तान का नाम लेकर साफ शब्दों में कहा कि दोनों देशों के इरादे नेक नहीं हैं। चीन ने लद्दाख में बहुत कुछ किया। 1962 किया। इससे साफ है कि उसके इरादे नेक नहीं हैं। कहा, विदेशी ताकतें अब भारतीय सीमा का अतिक्रमण नहीं कर सकतीं। इसकी उन्हें कीमत चुकानी होगी। सेना व देश की जनता चट्टान की तरह उनकी राह में खड़ी रहेगी। पाकिस्तान पर उन्होंने जोरदार हमला करते हुए कहा कि तीन युद्ध 1965, 1971 और कारगिल में पराजय से सबक लेने के बजाय वह छद्म युद्ध के जरिये जम्मू-कश्मीर के साथ ही पूरे देश को अस्थिर करने की कोशिशें कर रहा है। भारत दोस्ताना संबंध चाहता है, लेकिन वो लगातार साजिशें कर रहा है। बदकिस्मती से दोस्त बदले जा सकते हैं पर पड़ोसी नहीं। पाकिस्तान को भगवान सद्बुद्धि दे।
370 की वकालत करने वालों पर बरसे
अनुच्छेद 370 की वकालत करने वालों को भी रक्षा मंत्री ने आड़े हाथों लिया। कहा कि यह देश के लिए कृत्रिम बैरियर और असांविधानिक था। उदाहरण से समझाया कि घर के एक आंगन में चार कोने हैं तो क्या कोई स्पेशल कोना होगा। एक मां की चार संतानें तो हैं तो क्या तीन नालायक और एक काबिल-विशेष होगा। ऐसा कभी नहीं होता। शुरू से ही अनुच्छेद 370 के खिलाफ श्यामा प्रसाद मुखर्जी व पंडित प्रेमनाथ डोगरा ने आवाज बुलंद की थी। उन्होंने एक विधान, एक प्रधान व एक निशान का नारा दिया था। भारत ने शुरू से ही यह सोचा था। समय की प्रतीक्षा थी। सरकार बन गई व भारत ने जो सोचा था उसे 370 हटाकर पूरा कर दिया।
मंच से उतरकर शहीद परिवार के बीच गए राजनाथ
जम्मू में आयोजित समारोह में राजनाथ ने स्वयं मंच से उतरकर वीर परिवारों का सम्मान किया। हाथ जोड़कर उनको नमन किया। आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले चंद्रशेखर आजाद, अशफ ाक उल्लाह समेत राजोरी के झंगड़ इलाके को कबाइलियों के कब्जे से मुक्त कराने वाले ब्रिगेडियर उस्मान और कारगिल युद्ध के हीरो कैप्टन विक्रम बतरा के योगदान का जिक्र करते हुए उनकी शौर्य गाथा को याद किया।
फूल बरसाकर शहीद परिवारों का सम्मान
समारोह में आए शहीदों के परिवार का फू ल बरसाकर स्वागत किया गया। स्वयं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने वीरांगनाओं पर फू ल बरसाए व उन्हें सम्मानित किया। जम्मू के साथ-साथ कश्मीर से भी शहीदों के परिवार आए थे। कार्यक्रम आयोजक जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ ोरम की ओर से इन सभी लोगों की सूची तैयार की गई थी। इस सूची में ऐसे शहीदों के नाम हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते। इनकी सूची समारोह स्थल पर प्रदर्शित भी की गई।