कश्मीर के बारे में ना जाने कितने कवियों ने लिखा है पर जो भी लिखा गया वो हमेशा कश्मीर की सुंदरता के लिए कम लगता है। इसी क्रम में गर फिरदौस ने कहा था कि "बररुए ज़मीनस्त, हमिअस्तो हमिअस्तो हमिअस्त!!" अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है, यहीं है। कश्मीर के लिए ये बात हम और आप बचपन से सुनते आएं हैं।
आज हम आपको श्रीनगर का गहना' या कश्मीर के मुकुट के नाम से लोकप्रिय डल झील से रुबरु करवाएंगे। डल झील, कश्मीर में दूसरी सबसे बड़ी झील है। वैसे हम आपको बताते चलें कि बुलर झील यहां की सबसे बड़ी झील है। 26 वर्ग किमी. के बड़े क्षेत्र में फैली डल झील श्रीनगर आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है।
डल झील, कश्मीर घाटी की अन्य झीलों से भी जुड़ी हुई है। इस झील में चार जलाशय हैं। इनके नाम हैं गगरीबल, लोकुट डल, बोड डल तथा नागिन। यहां के जलाशयो की सबसे निराली बात यहां के जलाशयों के बीच में छोटे छोटे द्वीप बने हुए है। लोकुट डल के मध्य में रुप लंका द्वीप स्थित है। जबकि बोड डल जलाश्ाय के मध्य में सोना लंका द्वीप स्थित है।
डल झील का मुख्य आकर्षण यहां के हाउसबोट हैं। सैलानी इन हाउसबोटों में रहकर इस खूबसूरत झील का आनंद उठा सकते हैं। इन हाउस वोट को स्थनीय भाषा में शिकारा कहा जाता है। शिकारे से पर्यटक नेहरु पार्क, कानुटुर खाना, चारचीनारी तथा कुछ अन्य द्वीपों की सैर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त शिकारे के माध्यम से प्रसिद्ध तीर्थस्थल हजरतबल की यात्रा भी की जा सकती है।
वैस तो डल झील में मुख्य रुप से मछली पकड़ने का काम होता है। अगर आप जलाशय में शिकारे से शॉपिंग का आनंद उठाना चाहते है तो आप एक शिकारे पर सवार होकर विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ खरीद सकते हैं। और दुकानें भी शिकारों पर ही लगी होती हैं। यह मात्र खरीददारी तक ही सीमित नहीं है, परन्तु एक रोमांचित कर देने वाला खेल भी होगा।
यदि पर्यटक डल झील पहुँचना चाहते हैं तो श्रीनगर जिले से 25 किमी की दूरी पर बड़गाम जिले में स्थित एयरपोर्ट पर पहुँच सकते हैं। नजदीकी रेल सेवा जम्मू में स्थित है तथा वहाँ का नेशनल हाईवे एनएच1ए कश्मीर घाटी को देश के अन्य भागों से जोड़ता है। इन पहाड़ी इलाकों पर यात्रा करने के लिए दस से बारह घंटे लगते हैं।