जम्मू। सोमवार को सावन का दूसरा सोमवार था। इस मौके पर शिवालयों में दर्शन और पूजा करने के लिए शिवभक्तों का तांता लगा रहा। शहर के रणवीरेश्वर मंदिर में सुबह से शिव भक्त पहुंचने शुरू हो गए थे। कोविड एसओपी का पालन करते हुए मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया गया। इस दौरान लंबी कतारें भी देखी गईं। भोले के भक्तों ने सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।
सावन के सोमवार को लोग खास तौर पर व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने वालों की परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। रणवीरेश्वर मंदिर में भक्तों ने शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक किया। इस बार सावन मास 22 तक अगस्त 29 दिनों का होगा। इसमें 4 सोमवार आएंगे। पहला सोमवार 26 जुलाई, दूसरा 2 अगस्त, तीसरा 9 अगस्त और चौथा 16 अगस्त को है।
कामिका एकादशी का व्रत कल
जम्मू। कामिका एकादशी का व्रत चार अगस्त को है। एक वर्ष में 24 एकादशी होती है। लेकिन जब अधिकमास (मलमास) आता है, तब इनकी संख्या 26 हो जाती है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के नाम से जानते हैं। इस व्रत के करने से व्यक्ति को दीर्घायु और मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रत पुरुष और महिला दोनों द्वारा किया जा सकता है। कामिका एकादशी की कथा भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को सुनाई थी। इससे पूर्व मुनि वशिष्ठ ने राजा दिलीप को सुनाई थी। श्रावण मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि तीन अगस्त को दोपहर एक बजे शुरू होगी और चार अगस्त को दोपहर तीन बजकर 18 मिनट पर संपन्न होगी। सूर्योदय व्यापिनी एकादशी तिथि चार अगस्त को होगी। इसलिए कामिका एकादशी व्रत चार अगस्त को होगा। महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि एकादशी के व्रत में शारीरिक शुद्धता के साथ ही मन की पवित्रता का भी ध्यान रखना चाहिए। एकादशी के व्रत को विवाहित अथवा अविवाहित दोनों कर सकते हैं।