जीएमसी में सीटी स्कैन के बाद एमआरआई (मेगनेटिक रेसोनेंस एमेजिंग) मशीन ने भी जवाब दे दिया है। अस्पताल की इमरजेंसी के साथ पीपीपी मोड के तहत लगाई गई सीटी स्कैन मशीन भी ठप पड़ी है। अस्पताल में पहुंचने वाले तीमारदारों को अपने गंभीर मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में ले जाना पड़ रहा है।
सीटी स्कैन के लिए अस्पताल प्रशासन ने एसएमजीएस अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था की है, लेकिन वहां भी पहले से लोड को देखते हुए मरीजों की दिक्कतों का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल का कहना है कि अगले कुछ दिन में एमआरआई मशीन को बहाल कर दिया जाएगा। सीटी स्कैन के लिए दूसरे अस्पताल में व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में आए दिन सीटी स्कैन और अन्य मशीनों के ठप रहने से मरीजों के साथ तीमारदारों की परेशानी बढ़ रही है। अस्पताल में इमरजेंसी की सीटी स्कैन पिछले तीन हफ्ते से बंद पड़ी है। एमआरआई मशीन भी चार दिन से ठप है। पीपीपी मोड के तहत सीटी स्कैन मशीन तीन दिन से बंद है।
ऐसे में गंभीर मरीजों को तीमारदारों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है। जीएमसी में रोजाना 25-30 एमआरआई किए जाते हैं। जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों के एमआरआई होते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर मरीज का इलाज आगे बढ़ाया जाता है।
इसमें शरीर के भीतरी हिस्सों या गंभीर मरीजों को एमआरआई की जरूरत होती है। इनमें अधिकांश मरीज सड़क हादसों या अन्य घटनाओं से जुड़े होते हैं।