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सामने आई अनंतनाग हमले में शामिल आतंकियों की सीसीटीवी फुटेज

Sun, 05 Jun 2016 09:41 PM IST
एजेंसी/श्रीनगर
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फुटेज, जिसकी अभी तक अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है - फोटो : Amar Ujala
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सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में शामिल दोनों आतंकवादियों की पहचान कर ली है। सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगा है जिसमें दोनों आतंकवादी फायरिंग के बाद भागते नजर आ रहे है। इसमें एक आतंकवादी की पहचान जुनैद मट्टू के रुप में की गई है।
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जुनैद स्थानीय युवा है जो पिछले साल प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था। गौरतलब है कि शनिवार को बस स्टैंड पर इन दोनों आतंकियों ने पुलिस पोस्ट पर फायरिंग की थी जिसमें एक एएसआई समेत दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।

सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि दो युवा आतंकी हाथों में एके असॉल्ट राइफल लेकर खनाबल-पहलगाम रोड पर भाग रहे हैं। वीडियो में ये भी दिख रहा है कि एक आतंकवादी कार के पास खड़ा है और दूसरा हाथ में बैग को लेकर कार के पास आ रहा है।
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हिजबुल का दावा बीएसएफ के काफिले पर हुए हमले में इन लड़को का हाथ

अनंतनाग में हमला कर भागते आतंकी - फोटो : Amar Ujala

अधिकारिक सूत्रों के मुताबित कार के पास खड़े आतंकी की पहचान जुनैद मट्टू के रुप में हुई है। जुनैद खुदवानी का रहने वाला है। उसने पिछले साल जून में अपना घर छोड़ दिया था जब वह मात्र 18 साल का था। वह पिछले साल सितंबर में लश्कर में शामिल हो गया था।

वहीं प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल ने यह दावा किया है कि शुक्रवार को बीएसएफ काफिले हुए हमले के पीछे इन दोनों लड़को का हाथ है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, स्थानीय आतंकी समूह इन हमलों की जिम्मेदारी लेने में जल्दबाजी दिखा रहे हैं जिससे वह इन आतंकी घटनाओं को स्वदेशी रंग दे सकें।

दक्षिणी कश्मीर में इस साल पिछले पांच महीने में सबसे ज्यादा हत्याएं और एनकाउंटर हुए हैं। दक्षिणी कश्मीर पारंपरिक रूप से घाटी का एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र रहा है। यह क्षेत्र तेजी से आतंक की प्रजनन भूमि के रुप में तब्दील हो रहा है। यहां के युवा तेजी से आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं।

पिछले एक साल में आतंकी संगठनों ने इस इलाके में स्थानीय लोगों की मदद से अपना बेहतरीन इंटेलीजेंस नेटवर्क तैयार किया है।  खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक कुलगाम, पुलवामा और त्राल के आसपास के गांवों से कुल 17 युवा इस साल आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं।

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