नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की फिजिबिलिटी जांचने के लिए कवायद शुरू हो गई है। दिल्ली से कटड़ा तक प्रस्तावित 600 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे की अलाइनमेंट और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए हाईवे अथारिटी ने तकनीकी कंसलटेंट की सेवा संबंधी टेंडर प्रक्रिया चला दी है। यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
जैसे ही टेंडर जारी होता है तो तकनीकी कंसलटेंट को निर्धारित अवधि के भीतर एक्सप्रेस-वे के लिए रिपोर्ट तैयार करनी होगी। अथारिटी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अथारिटी के माध्यम से की गई टेंडरिंग में दिल्ली से कटड़ा एक्सप्रेस-वे का प्रस्तावित रूट दिल्ली लुधियाना, अमृतसर, कटड़ा रहेगा।
इसमें चंडीगढ़ को कनेक्टिविटी दी जाएगी। केंद्रीय सरकार ने इस मद में लगभग 15 हजार करोड़ की राशि का अनुमान प्रस्तावित किया है। मंजूरी के बाद से ही एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करवाने पर जोर दिया जा रहा था।
फरवरी महीने में अथारिटी ने तकनीकी कंसलटेंसी सेवा के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया को शुरू कर दिया, जो अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। दिल्ली कटड़ा एक्सप्रेस-वे देश में अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा, जिसके मूर्तरूप लेने से दिल्ली कटड़ा रूट का सफर बारह घंटे के बजाय पांच से छह घंटों में पूरा हो सकेगा।
अथारिटी के उच्च पदस्थ सूत्र के अनुसार तकनीकी कंसलटेंट नियुक्त होने के बाद ही एक्सप्रेस-वे के रूट की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी। राष्ट्रीय महत्व के इस प्रोजेक्ट की अलाइनमेंट और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही प्रोजेक्ट की मियाद पर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि देश के सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर को सड़क यातायात का आधुनिकतम विकल्प देगा।