बिना टेंडर के ढाई करोड़ के कार्य कराने के मामले में एंटी करप्शन ने पूर्व एसई समेत छह के खिलाफ चालान पेश कर दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग के 2011 में रहे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील गुप्ता समेत छह के खिलाफ केस चल रहा है। अन्य आरोपियों में तब रहे सहायक अकाउंट अधिकारी लखदीप सिंह और ठेका लेने वाले चतर सिंह, मोहम्मद हनीफ, अब्दुल हमीद, फरमान अली और मोहम्मद अफजल निवासी रियासी शामिल हैं।
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एसीबी ने मामले की शुरुआती जांच में पाया कि रियासी के माहौर डिवीजन में 162 कार्य बिना टेंडर के हुए। इसमें 2 करोड़ 53 लाख और 87 हजार रुपये का काम हुआ। जांच में पाया गया कि विभाग ने सबसे ज्यादा कार्य चतर सिंह, अब्दुल हमीद, मोहम्मद हनीफ और फरमान अली से कराए।
उक्त अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया और इन ठेकेदारों को कार्य दिए और इनको दिया जाने वाला पैसा बिना टैक्स के ही दिया गया। जांच में पाया गया कि ठेकेदारों को टैक्स न लगाने से सरकार को 18 लाख रुपये अधिक का नुकसान हुआ। उक्त लोगों के खिलाफ जांच के बाद बुधवार को उधमपुर की एसीबी कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया। 1 मई को कोर्ट में मामले पर सुनवाई होगी।