श्रीनगर। शहर के अमीरा कदल में ग्रेनेड हमले के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाकों में घेरा सख्त कर रखा है। सीसीटीवी से मिले सुराग के आधार पर आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। शहर के साथ ही शहर से लगते इलाकों में संभावित ठिकानों पर छापामारी की गई। अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर जानकारी हासिल की। इस बीच विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की ओर से घटना की निंदा करते हुए हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने की आवाज उठाई गई है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फ ारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि हिंसा का समाज में कोई स्थान नहीं है। मुफ्ती ने ट्वीट किया कि इस हमले की निंदा करती हूं। जम्मू कश्मीर के लोगों की जान जा रही है और दुखद है कि भारत या पाकिस्तान इस संघर्ष और खूनखराबे को समाप्त करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। शोक संतप्त परिजनों के लिए प्रार्थना करती हूं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय घटना। इस हमले के पीछे जो भी जिम्मेदार हैं उन्हें पता होना चाहिए कि इस प्रकार के अमानवीय हमले से कुछ हासिल नहीं होने वाला। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन और अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने भी हमले की निंदा की। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस हमले को बर्बरतापूर्ण और कायराना करार दिया। भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने घटना की निंदा करते हुए हमलावरों तथा इन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि हिंसा का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती अपनाई जानी चाहिए ताकि हिंसा के दुष्चक्र से मुक्ति मिले।
घायलों की सूची
जान मोहम्मद (रामबेलगढ़), मेहराजुद्दीन (सोएटंग), निंबा अब्बास (कुलगाम), गुलाम मोहम्मद (बाग-ए-मेहताब), रियाज अहमद रेशी (मेहजूर नगर), एयाज राशिद (दरगाह), दिलशाद (बलहामा), शाजिया (बोहरीकदल), नजमा (रावलपोरा), सुहानी (कुलगाम), कौशर (बेमिना), फरहाना (दरगाह), राफिया (दरगाह), अतीरा जान (कुपवाड़ा), आतिफ (मेहजूरनगर), डा. शाजिया (बांदीपोरा), जोया (नौहट्टा), उल्फत (कुपवाड़ा), फिजा (पांपोर), दानिश (कुपवाड़ा), नजीर अहमद (सरायबाला), परवीना (बटमालू), कैसर (कुपवाड़ा)।