अरनिया/जम्मू। जम्मू जिले के अरनिया में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी पुलिस कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह समेत तीन लोगों को पुलिस ने पांच दिन बाद बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। दो मुख्य आरोपी है जबकि तीसरा इनका मददगार है। यह तीनों कठुआ-पठानकोट बार्डर के गांव खरकड़ा से गिरफ्तार हुए हैं। यह लोग पंजाब भागने की फिराक में थे। चौंकाने वाली बात है कि मुख्य आरोपी भूपेंद्र सिंह के घर से पुलिस ने हथियारों का जखीरा और हेरोइन बरामद की है। हत्या के पीछे जमीन और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद को माना जा रहा है। हेरोइन की बरामदगी से मामला अब नशा तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने कठुआ से लेकर पंजाब तक इनकी धरपकड़ के लिए नाकेबंदी कर रखी थी। पुलिस की कुछ टीमें पंजाब में भी थीं। बुधवार को इनके खरकड़ा में होने की सूचना मिली, जिसके बाद एसआईटी ने दबोच लिया। आरोपियों में पुलिस कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, निलंबित पुलिस कर्मी सादिक अली और इनको जम्मू से भागने में मदद करने वाला सरोर निवासी गुलाबदीन शामिल है। भूपेंद्र सिंह ने सर्विस राइफल एके-47 से कुख्यात अपराधी बाबर खान, उसके भाई साबर और साथियों आरिफ और प्रवीन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। इसके पहले उक्त लोगों ने तेजधार हथियारों के साथ पुलिस कर्मियों पर हमला किया था। जवाब में पुलिस कर्मी ने गोली चलाई थी जिसमें साबर और आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि घायल बाबर ने एक दिन बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया था। वारदात के बाद से दोनों आपोपी फरार थे। पुलिस ने इन लोगों से स्कार्पियो और एक रिवालवर भी बरामद की है। एसएसपी जम्मू चंदन कोहली ने कहा है कि तीन लोगों को पकड़ा गया है। अभी इनसे पूछताछ जारी है।
कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह पुलिस कर्मी या हथियारों का कारोबारी
तीन बंदूक, एक रिवाल्वर मिलने पर होगी सख्त पूछताछ, हेरोइन मिलने की भी होगी जांच
हत्याकांड के पहले दो हफ्तों तक आरोपियों और मारे गए लोगों में कई बार हुआ था संपर्क
अजय मीनिया
जम्मू। अरनिया हत्याकांड में पकड़े गए मुख्य आरोपी कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह से चार हथियार बरामद हुए हैं। साथ ही उसके घर से तेजधार हथियार भी बरामद किए गए हैं। यही नहीं, एके 47 गन का इस्तेमाल भी भूपेंद्र सिंह ने किया था। भूपेंद्र के घर से इतने हथियार मिलने से पुलिस भी सकते में है। इस मामले को लेकर भूपेंद्र से गहन पूछताछ होगी। वह कई अन्य वारदातों को अंजाम देने या फिर अपराधियों को कुछ मामलों में मदद करने में शामिल हो सकता है।
जानकारी के अनुसार भूपेंद्र से एक रिवाल्वर और 10 काटरिज मिले। इसके बाद जब इसके घर पर दबिश दी गई तो पुलिस को 12 बोर की तीन बंदूक, 10 ग्राम हेरोइन, दो लाख की नकदी और कुछ तेजधार हथियार भी मिले। भूपेंद्र सिंह के घर पर इतने बढ़े हथियारों का मिलना एक बड़ा सवाल है, जो मामले की जांच में नया मोड़ ला सकता है। यही नहीं भूपेंद्र सिंह और सादिक को भागने में मदद करने वाला गुलाबदीन भी एक बड़ा अपराधी है। उसके खिलाफ बाड़ी ब्राह्मणा और अन्य पुलिस थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट और अवैध हथियार का मामला शामिल है। बताया जा रहा है कि मारे गए लोगों और आरोपियों में हत्याकांड के पहले मोबाइल फोन पर अक्सर बात होती थी। इनके मोबाइल की काल डिटेल से पता चला है कि यह लोग आपस में कई बार बात करते थे।
चार वाहन भी जब्त
पुलिस ने इसम मामले में चार वाहनों को भी जब्त किया है। यह वाहन पूरे हत्याकांड को अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए। इनमें जेके02सीक्यू 7308, महिंद्रा थार नंबर जेके21 जी 9888, महिंद्रा स्कार्पियो नंबर जेके02बीएम 3333 और शेवरोलेट बीट जेके02बीए 8375 शमिल हैं।
पत्नी ने बताया था बंदूक कहां रखी
जानकारी के अनुसार हत्याकांड का अंजाम देने के बाद आरोपी सादिक अपने घर गया था। यहां उसने हत्याकांड में शामिल एके 47 को अपने घर के पीछे एक खेत में पराली के ढेर में छिपा दिया था। पुलिस ने सादिक की पत्नी बीबी जान को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद निशानदेही पर एके 47 बरामद की गई थी।