जम्मू। अरनिया के चक हरनी दोहरे हत्याकांड के आरोपी पुलिसकर्मी 48 घंटे बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इनके प्रदेश से बाहर जाने की आशंका के चलते लखनपुर से लेकर जम्मू तक नाकेबंदी की गई है, ताकि यह भाग न सकें। शनिवार को पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए घायल प्रवीन कुमार के बयान दर्ज किए। हालांकि दूसरे घायल बाबर की हालत अभी नाजुक बनी हुई है। अभी तक की जांच में इस मामले के तार जमीन, पैसों के लेनदेन और हेरोइन की तस्करी से जुड़ रहे हैं। उधर, दोनों मृतक आरिफ और साबर को पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। पुलिस की एसआईटी ने शनिवार को चक हरनी पहुंच कर क्राइम सीन को दोहराया और जांच के जरूरी सबूत जुटाए।
जानकारी के अनुसार पुलिस टीम ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कठुआ और सांबा सहित कई जगहों पर दबिश दी है। लेकिन अभी तक वारदात में इस्तेमाल की गई एके-47 बरामद नहीं हुई है। एसपी हेडक्वार्टर रमनीश गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अभी दोनों में से कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं गया है।
बता दें कि पुलिस के आईआर कर्मी भूपेंद्र सिंह निवासी चक मोहम्मद यार ने अपनी सर्विस राइफल से चार लोगों बाबर खान, साबर खान, चचेरे भाई आरिफ और दोस्त प्रवीन पर गोलीबारी की थी। फायरिंग के वक्त भूपेंद्र के साथ उसका दोस्त सादिक अली निवासी सलैड़ कौठे भी था, जो फिलहाल पुलिस विभाग से निलंबित चल रहा है। फायरिंग में बाबर और आरिफ की मौत हो गई थी। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती परवीन और बाबर की सुरक्षा भी बढ़ाई है। साथ ही चक मोहम्मद यार गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि कोई और विवाद न हो।
तैयारी के साथ आए थे दोनों गुट
सूत्रों का कहना है कि दोनों गुट पहले भी कई बार पैसों के लेनदेन को लेकर आपस में भिड़े हैं। शुक्रवार को दोनों गुट जानते थे कि उनका सामना होने वाला है। यह भी बताया जा रहा है कि वारदात से पहले इनकी आपस में मोबाइल फोन पर बात भी हुई थी।