अठारह माह से वेतन मिलने का इंतजार कर रहे सीपी वर्करों अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला कर लिया है। वाटर वर्कर्स पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन कामकाज बंद कर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर ली है। यह फैसला पीएचई कार्यालय में हुई एसोसिएशन की बैठक में तहसील प्रधान जगदीश मंगोत्रा की अध्यक्षता में लिया गया।
बैठक में कहा गया कि पीएचई मंत्री ने सीपी वर्करों को जल्द पक्का करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक बकाया वेतन भी नहीं दिया गया। इससे इन कर्मियों को घर चलाना मुश्किल हो गया है। यह भी कहा कि पांच सौ रुपये प्रति माह पाने वाले कर्मियों को एक वर्ष के बाद पैसे मिलते हैं, लेकिन वह भी सिर्फ एक हजार रुपये, जबकि इन्हें भी डेलीवेजर करने की मांग उठाई गई।
उन्होंने कहा कि जनवरी 2014 से डीए की किश्त 10 प्रतिशत अभी तक मुलाजिमों को नहीं मिली है तथा जल्द से जल्दी डीए किस्त जारी की जाए। साथ ही जिन लोगों ने 10 से 15 मरले जमीन पानी के टैंक बनाने के लिए दी है। उन्हें भी डेलीवेजर किया जाए। यदि मांगें एक सप्ताह में पूरी नहीं हुई तो कर्मी कामकाज ठप कर सड़कों पर उतर आएंगे।
इस मौके पर जगदीश मंगोत्रा, गणेश चंद, दरबार सिंह, गोविंद राम, बरकत अली, मोहम्मद मकसूद, प्रभू दयाल, गिरधारी लाल व अन्य मौजूद थे।