- वायरल वीडियो के बाद जारी सर्कुलर, मुख्य न्यायाधीश ने भी लिया गंभीर संज्ञान
- उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, बार एसोसिएशनों को भी दी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को गंभीरता से लेते हुए वकीलों के व्यवहार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने सर्कुलर जारी कर सभी अधिवक्ताओं को पेशे की गरिमा बनाए रखने और किसी भी आपत्तिजनक कार्यक्रम से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।
सर्कुलर में बताया गया है कि हाल ही में कानपुर बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मंच पर आपत्तिजनक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मौजूद कुछ वकील न केवल इसे बढ़ावा दे रहे थे, बल्कि मोबाइल से इसकी रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे। इस घटना की सुप्रीम कोर्ट महिला वकील संघ ने कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक और निंदनीय बताया, वहीं भारत के मुख्य न्यायाधीश ने भी इस पर गंभीर संज्ञान लिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि वकालत एक सम्मानजनक पेशा है और वकील न्याय व्यवस्था के अहम स्तंभ हैं। ऐसे में उनसे उम्मीद की जाती है कि वे अदालत के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी अपने व्यवहार में मर्यादा और गरिमा बनाए रखें। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि अधिवक्ता किसी भी ऐसे कार्यक्रम या गतिविधि का हिस्सा न बनें जो अश्लील, अनुचित या पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हो। साथ ही, उन्हें हर तरह के पेशेवर और सामाजिक आयोजनों में शालीनता और अनुशासन बनाए रखने को कहा गया है।
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बार एसोसिएशनों को भी मर्यादा बनाए रखने के निर्देश
हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशनों को भी निर्देश दिया है कि उनके बैनर तले होने वाले सभी कार्यक्रमों में मर्यादा और प्रतिष्ठा बनी रहे। किसी भी तरह की लापरवाही या अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल के समय में ऐसे मामलों के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। अब बार एसोसिएशनों के कार्यक्रमों पर भी सख्त नजर रखी जाएगी।