जम्मू। एंटी करप्शन कोर्ट के स्पेशल जज ने केएएस अधिकारी नूर आलम की अटैच की गई संपत्ति के आदेश को रद्द कर दिया है। जज मोहन सिंह ने कहा कि जांच अधिकारी संपत्ति अटैच करने के मामले में कोई पुख्ता दस्तावेज और आधार पेश नहीं कर पाए हैं। लिहाजा संपत्ति को अटैच करने का आदेश रद्द किया जा रहा है। हां जांच अधिकारी स्वतंत्र हैं कि वह दोबारा से ऐसा करने का कोई पक्का आधार और कारण लाएं। नूर आलम पर राजोरी, पुंछ और रियासी में ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से बड़े स्तर पर फलैक्स बोर्ड लगाकर खर्चा करने का केस दर्ज हुआ था। जब मामला एंटी करप्शन के पास पहुंचा तो जांच में पाया गया कि आलम के पास आय से अधिक और बड़े स्तर पर संपत्ति है।
ठेकेेदार की अर्जी खारिज
जम्मू। ठेकेदार अपने खारिज ठेके को लेकर यह दावा नहीं कर सकता कि ठेके के लिए जरूरी आदेश ऑनलाइन नहीं थे। एक ठेकेदार की इस मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात हाईकोर्ट के जज रजनीश ओसवाल ने कही। मोहम्मद शफी खान ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। 2014 में जगीर नाड़ नाल के दोनों तरफ संरक्षण दीवार बनाने का ठेका दिया गया था। टेंडर में साफ था कि जो 15 फीसदी कम बोली लगाएगा और 5 फीसदी सीडीआर भी देगा उसे ठेका मिलेगा, लेकिन अपीलकर्ता ने अपने दस्तावेज में पर 5 फीसदी सीडीआर नहीं लगाई। लिहाजा उसकी बोली खारिज कर दी गई।