जम्मू। सांबा जिला कोर्ट ने एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। आरोपी मोहम्मद जावेद और जाहिद चौधरी पर 12वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म का आरोप है। मामला बाड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र में 12 फरवरी 2020 का है। छात्रा ने बताया कि वह सरोर में पढ़ती है। वह विजयपुर जाने वाली एक बस में अन्य छात्राओं के साथ बैठी थी। उसे परीक्षा देने के लिए जाना था। लेकिन बस के चालक और सह चालक ने उसे विजयपुर ही छोड़ दिया। वह वहां से वापस बाड़ी ब्राह्मणा के लिए मेटाडोर में आने लगी। यहां आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। रातभर दुष्कर्म करने के बाद सुबह 6 बजे पीड़ित को उसके घर के पास बेसुध अवस्था में फेंक दिया।
जज ने कहा कि इस मामले में दो गवाहों की गवाही ली गई है, लेकिन कुल गवाह 23 हैं। अभी तक इस मामले में काफी कुछ देखा जाना है। दस्तावेजों की समीक्षा होनी है। ऐसा नहीं है कि गवाहों के बयानों का अध्ययन करते समय मामले में आवेदकों/अभियुक्तों की संलिप्तता स्थापित नहीं होती है। अन्य महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की जानी बाकी है। भौतिक गवाहों के साथ छेड़छाड़ के पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अलावा इस बात की भी पूरी आशंका है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी न्याय के रास्ते से भाग सकता है, कानूनी प्रक्रिया को विफल कर सकता है। लिहाजा जमानत नहीं दी जा सकती।
आनलाइन ठगी के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। एक्साइज मैजिस्ट्रेट जम्मू ने आनलाइन फ्राड के किंगपिन को जमानत देने से इंकार कर दिया। उमेश शर्मा ने आरोपी प्रमोद देवगन की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई की।
जज ने कहा कि आरोपी ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर पेट्रोल पंप देने के नाम पर ठगी की है, जबकि अन्य आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं। पीड़ित को एक इमेल भेजी गई। इस ईमेल के जरिए खुद को इंडियन आयल कारपोरेशन का नुमाइंदा बताया गया। इसके बाद निसार अहमद नाम के पीड़ित से 19 लाख रुपये ले लिए। अलग अलग खातों के माध्यम से यह पैसा लिया गया। आरोपी ने एक संगीन अपराध किया है। यह समाज के खिलाफ एक बड़ा अपराध है। जिससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। ताकि ऐसा करने वालों के हौसले पस्त हों। इन दलीलों के साथ जज ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।