- पर्यटन विभाग के निदेशक वित्त को तीन हफ्ते में पूरी करनी थी जांच
- कर्मियों से मांगा जवाब, संतोषजनक न होने पर जा सकती है नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में फर्जीवाड़े की जांच पूरी हो गई है। धोखाधड़ी के आरोपी दो कर्मचारियों का रिकॉर्ड पर्यटन विभाग ने खंगाल लिया है। इस मामले की जांच में तीन हफ्ते की अवधि तय थी। कर्मचारियों पर धोखाधड़ी, अवैध धन संचय और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बीती 27 फरवरी को इस बारे में प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था। इस पत्र के आधार पर ही सरकार ने पर्यटन विभाग को मामले की जांच के आदेश दिए थे।
पर्यटन विभाग ने वित्त निदेशक सतनाम सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा और तीन हफ्ते में जांच पूरी करने के निर्देश दिए। जून महीने में शुरू हुई जांच में तय अवधि अब पूरी हो चुकी है। इस जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं उनके आधार पर आरोपी कर्मचारियों से जवाब मांगा जाएगा और जवाब मिलने के बाद कदम उठाए जाएंगे। मामले में कर्मचारियों के जवाब से संतुष्ट न होने पर सरकार दोनों कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के आदेश भी जारी कर सकती है। दोनों कर्मचारियों पर धोखाधड़ी, अवैध धन संचय और भ्रष्टाचार की गतिविधियों में संलिप्त होने के साथ ही वित्तीय गबन को छिपाने और वसूली अनुभाग को बंद करने के गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा दोनों कर्मचारियों पर फर्जी तरीके से नियुक्ति और प्रमोशन हासिल करने का भी आरोप है।
इस पूरे मामले को लेकर आयुक्त सचिव यशा मुदगल ने जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया है कि यह जांच प्रदेश सरकार के आदेश पर शुरू की गई है। पर्यटन विभाग ने तीन हफ्ते में जांच की रिपोर्ट मांगी थी। जांच रिपोर्ट का फिलहाल, खुलासा नहीं किया गया है। कर्मचारियों का जवाब मिलने के बाद जांच रिपोर्ट पूरी होगी और इसे आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को सौंपा जाएगा। मामले में कर्मचारियों के भविष्य पर आगामी फैसला प्रदेश सरकार करेगी।