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जम्मू कश्मीर से भेदभाव के खिलाफ लड़ेगी कांग्रेस-पाटिल

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एलजी मनोज सिन्हा को ज्ञापन सौंपतीं कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल।
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जम्मू। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से भेदभाव के खिलाफ पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। केंद्र के गलत दृष्टिकोण से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस के पास लोगों की सेवा करने की विरासत है और वह इस संकल्प को जारी रखेगी। मोदी सरकार अपनी विफलताओं पर ध्यान भटकाने के लिए सभी हथकंडे अपना रही है। प्रभारी बनने के बाद जम्मू के बाद कश्मीर दौरे पर पहली बार पहुंचीं पाटिल ने सोमवार को श्रीनगर पार्टी कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से संगठनात्मक मामलों के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा की। पाटिल मंगलवार भी श्रीनगर में रहेंगी।
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पाटिल ने कहा भाजपा के नेतृत्व में देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ा है। देशवासियों में हाथरस और अन्य घटनाओं को लेकर रोष है। जम्मू कश्मीर में युवा 4 जी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। पार्टी कैडर जम्मू कश्मीर में एकजुट होकर सभी चुनौतियों को जवाब दें। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के जन विरोधी नीतियों के खिलाफ चट्टान की तरह खड़े रहें। देश की जनता को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में लोगों को सबसे बुरा अनुभव हासिल हुआ है। इस दौरान दिनभर पार्टी कैडर के साथ बैठकों का दौर चलता रहा। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर, हाजी अब्दुल रशीद डार, रमण मट्टू, आमरीन बाद्रे आदि मौजूद रहे।
एलजी से मिलीं रजनी पाटिल, बोलीं-जनप्रतिनिधियों को पुख्ता सुरक्षा दें
जम्मू। रजनी पाटिल ने सोमवार को श्रीनगर में एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात कर उन्हें पार्टी की ओर से मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमुख रूप से आगामी चुनावों और अन्य राजनीतिक गतिविधियों के लिए सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के नेताओं को पूर्व सुरक्षा मुहैया करवाने पर जोर दिया गया। पाटिल ने बताया कि उन्हें जो फीडबैक मिला है, उसमें प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को ही सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई है, जो चिंता का विषय है। आतंकवादग्रस्त जम्मू कश्मीर में हाल ही में कई आतंकी घटनाओं में राजनेताओं को निशाना बनाया गया है। उन्होंने हाथरस, नए कृषि कानूनों के ज्ञापन को उपराज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजा। इसके अलावा प्रदेश की समस्याओं में युवा भर्ती नीति, संपत्ति टैक्स, नए टोल प्लाजा, रेत बजरी की बढ़ी कीमतें, डेलीवेजरों, एसएसटी, ओबीसी आरक्षण संशोधन सहित अन्य मुद्दों को रखा।
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