जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को भाजपा के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए राज्यपाल के पास भेज दिया। फिलहाल रियासत के राज्यपाल एनएन वोहरा की ओर से इस मामले पर कोई जवाब नहीं आया है।
सूत्रों की मानें तो राज्यपाल तो सोमवार को दोनों मंत्रियों के इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं। गौरतलब है कि भारी दबाव के चलते भाजपा ने अपने दो मंत्रियों से इस्तीफा ले लिया गया है। शुक्रवार को उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा तथा वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया।
प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने इस्तीफा सौंपे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों ने नैतिकता के आधार पर सौंपा है न कि पार्टी ने इस्तीफा मांगा है। सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे के पीछे गठबंधन सहयोगी पीडीपी तथा पीएमओ का दबाव मुख्य वजह है।
बताया जा रहा है कि पीडीपी प्रमुख तथा मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर अपनी ही पार्टी के मंत्रियों तथा विधायकों का भारी दबाव था। इनका कहना था कि भाजपा के इन मंत्रियों की वजह से पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। इसका भारी खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से भी दोनों मंत्रियों को बर्खास्त करने में देरी पर सवाल उठाए गए थे। देश में चौतरफा विरोध के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना स्टैंड क्लीयर करना पड़ा।