कठुआ जिले के उज्ज दरिया पर प्रस्तावित रियासत की पहली बहुउद्देशीय पनबिजली परियोजना पूरे एक दशक बाद ठंडे बस्ते से बाहर आई है। केंद्र ने उज्ज प्रोजेक्ट पर नजरे इनायत करना शुरू कर दी है। हाल के दिनों में ही प्रोजेक्ट को केंद्र से लगातार मानीटर किया जा रहा है।
पर्यावरण से लेकर आर्थिक और स्थानीय जीवन से जुड़ी क्लीयरेंस लेने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर स्टेट पॉवर डेवलपमेंट कारपोरेशन के पास अधर में लटके प्रोजेक्ट की तकनीकी कसरत बेहद धीमी गति से चल रही थी, जिसे अचानक से तेज कर दिया गया है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इनवायरनमेंट इंपैक्ट असेसमेंट और इकोनॉमिक मैनेजमेंट प्लान के पहलुओं पर जोरशोर से काम चल रहा है। पर्यावरण और स्थानीय आबादी पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन हो चुका है, अब केवल स्थानीय लोगाें को विश्वास में लेने की प्रक्रिया बची है, जिसे पूरा करने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं। दशकों पुरानी इस परियोजना को इकोनॉमिक इंपैक्ट असेसमेंट के लिए वर्ष 2006 में नोटिफाई किया गया था।