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सावधान: डेंगू के बीच अब जीका वायरस की चुनौती, जम्मू-कश्मीर में जारी अलर्ट

Fri, 29 Oct 2021 10:38 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

डेंगू के लिए जिम्मेदार मच्छर ने जम्मू संभाग के लगभग जिलों में अपना डंक मारा है। जीका वायरस ने विभिन्न देशों के अलावा भारत में भी अपना असर दिखाया है।
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जीका वायरस
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विस्तार
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प्रदेश के जम्मू संभाग में डेंगू के साथ जीका वायरस की चुनौती बढ़ी है। देश के विभिन्न हिस्सों में जीका वायरस के मामले आने के बाद जम्मू-कश्मीर में भी अलर्ट जारी किया गया है। डेंगू और जीका वायरस के लिए एक ही एडीस एजिप्टी नामक मच्छर जिम्मेदार है। प्रदेश में वर्तमान में 700 से अधिक डेंगू के मामले मिल चुके हैं, जिससे जीका वायरस के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में जम्मू कश्मीर में जीका वायरस के लिए सभी उचित उपाय अपनाने के साथ मच्छरों के सफाए के लिए अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। एपिडोमिनिलिजिस्ट डा. एडी मन्हास ने बताया कि डेंगू के साथ जीका वायरस से बचाव के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। फिलहाल जम्मू कश्मीर में जीका वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। जीका वायरस को लेकर जिला स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है।

तापमान गिरने पर जीका वायरस की आशंका कम होती है। लेकिन मौजूदा डेंगू के सक्रिय मामलों को देखते हुए बचाव के सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। वहीं, डेंगू के लिए जिम्मेदार मच्छर ने जम्मू संभाग के लगभग जिलों में अपना डंक मारा है। जीका वायरस ने विभिन्न देशों के अलावा भारत में भी अपना असर दिखाया है। सामान्य में यह वायरस डेंगू के लक्षणों जैसा होता है, लेकिन यह गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। यह वायरस नवजात को सीधा शिकार बनाता है।
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इस वायरस से प्रभावित होने वाले बच्चे की सारी जिंदगी विशेष देखभाल करनी पड़ती है, यानी नवजात का सिर छोटा और दिमाग अविकसित रह जाता है। अभी तक वैज्ञानिक स्तर पर जीका वायरस पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने में सफलता नहीं मिल पाई है। इसके लिए जागरूकता ही बचाव है। जीका वायरस सलाइवा और सीमेन जैसे मानव शरीर के तरल पदार्थ के आदान प्रदान से संक्रामक हो सकता है।  
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वायरस के लक्षण
बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों में जलन, खुजली, हाथ पांव में सूजन, शरीर पर चकते दिखाई देना, थकावट महसूस करना आदि हैं। यह लक्षण सामान्य में 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं।

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