अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। निजी जीवन हो या करियर चुनना दोनों में योजना का बड़ा महत्व है। इसके तहत किए कार्य में सफलता की संभावना अधिक रहती है। क्षमता के हिसाब से चुने विषय में करियर संभावनाएं रहती हैं। ऐसे में 10वीं या 12वीं के बाद बेहतर विकल्प का चुनाव अहम भूमिका निभाता है। बच्चों को 11वीं में विषय या संकाय चयन के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय परामर्श प्रकोष्ठ करियर जागरूकता कार्यक्रम करवा रहा है।
इसी कड़ी में शनिवार को काउंसलिंग सेल द्वारा करियर गाइडेंस और संकाय चयन पर ऑनलाइन कार्यक्रम हुआ। मनोवैज्ञानिक व करियर विश्लेषक डाॅ. मधू बाला ने बच्चों को विषय और संकाय चयन के प्रति जागरूक किया। कहा-बच्चे क्षमता के आधार पर विषय चुनें। अगले पांच या दस साल में खुद को कहां और क्या देखना चाहते हैं उस आधार पर चयन करें। 10वीं के बाद 11वीं में क्षमता के बजाय देखा-देखी पर संकाय और विषय चुनते है। इससे न सिर्फ पढ़ाई बल्कि भविष्य में नौकरी पाने में परेशानी होती है। नई शिक्षा नीति ने बच्चों को खुला मैदान दिया है व आर्ट्स संकाय के साथ गणित भी पढ़ सकते हैं। अभिभावकों का भी बड़ा योगदान होता है। स्वयं की ओर से चयनित विषय आपको मुकाम तक पहुंचा सकता है। जम्मू और कश्मीर में पर्यटन के क्षेत्र में भविष्य बना सकते हैं। इसके अलावा शॉर्ट कोर्स करें, जो आगे काम आ सकें।