जम्मू। एंटी करप्शन ब्यूरो ने नगर निगम के पूर्व आयुक्त किरण वाटल और अन्य के खिलाफ शनिवार को एंटी करप्शन की विशेष अदालत में चालान पेश किया। 2014 काे शिकायत आई थी कि गुम्मट चौक में प्रदीप कुमार और कुलदीप कुमार को आवासीय व व्यावसायिक संरचना के लिए नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई। जांच में पता चला कि एनओसी प्रक्रिया अधीन थी। उस दौरान तत्कालीन एसीआर, एसी नजूल और टाउन प्लानिंग अनुभाग ने आपत्ति जताई थी कि उक्त भूमि मंदिर की थी, न कि राजस्व विभाग की। आवेदकों के नाम पर प्रविष्टि दर्ज की गई और कटिंग के साथ केवल एक प्रमाणित लीज डीड थी। खसरा संख्या का उल्लेख तक नहीं था।
यूटीईआईसी को मामला नहीं भेजा गया, जैसा टाउन प्लानिंग विंग द्वारा सुझाया गया था। इन अवलोकन के कारण आवेदकों के पक्ष में ऑनलाइन अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद वरिष्ठ टाउन प्लानर फरजाना ने आवेदकों के मामले की सिफारिश की और तत्कालीन नगर आयुक्त जम्मू को अग्रेषित किया। तब निगम आयुक्त किरण वाटल ने बीओसीए या यूटीईआईसी को संदर्भित किए बिना अनुमति दे दी। यहां तक कि एसीआर जम्मू और एसी नजूल की आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया। जेएनएफ
पूर्व सीईओ भ्रष्टाचार आरोप मुक्त
जम्मू। अतिरिक्त भ्रष्टाचार निरोधक न्यायाधीश ओपी भगत ने पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी तरसेम लाल समेत अन्य को अवैध नियुक्तियों के आरोप से मुक्त किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मुख्य शिक्षा अधिकारी ने मानदंड और नियम का उल्लंघन कर सरकारी प्राथमिक स्कूल धार मोहल्ला में अमरजीत सिंह को आरईटी शिक्षक नियुक्त किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुना और पाया कि जांच एजेंसी के आरोप आपराधिक मुकदमा कानून के अनुसार उचित नहीं है। जांच में यह मानने का बिल्कुल आधार नहीं है कि अभियुक्त ने अपराध किया है। इसलिए सीईओ और जेडईओ को आरोप मुक्त कर दिया गया। जेएनएफ