तुलनात्मक धर्म और सभ्यता अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि अध्ययन केंद्र में परास्नातक के अलावा भारतीय लिपि, भारतीय चिंतन रहस्यवाद और शैव दर्शन में भी सर्टिफिकेट कोर्स और डिप्लोमा करवाया जा रहा है। प्रवेश लेने के लिए लिखित परीक्षा का मेरिट अनिवार्य है। अधिकांश छात्रों ने छात्रावास की सुविधा उपलब्ध न होने की वजह से लिखित परीक्षा नहीं दी है।
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अध्ययन केंद्र ने विभागीय स्तर पर छात्रों को बिना लिखित परीक्षा के प्रवेश देने का विश्वविद्यालय से अनुरोध किया है। डॉ. अजय ने बताया कि देश-विदेश के छात्र तुलनात्मक धर्म और अध्ययन केंद्र में पढ़ाई करते हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड से पढ़ाई करवाने का प्रावधान रखा गया है। अब धार्मिक ज्ञान की पढ़ाई करने में छात्रों को आसानी होगी।