रियासती सरकार ने आगामी बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्ष 2017-18 के लिए विभिन्न विभागों की डिमांड पर 24 अक्टूबर तक चर्चा कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। जम्मू और कश्मीर संभाग की जिला योजना पर 24 अक्टूबर को चर्चा होगी।
खास बात यह है कि अनुसूचित जाति-जनजाति के विकास को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति सब प्लान तथा अनुसूचित जनजाति सब प्लान तैयार किया जाएगा। 40 फीसदी या उससे अधिक एससी-एसटी आबादी वाले इलाके को एक इकाई माना जाएगा।
प्लानिंग डेवलपमेंट और मानीटरिंग विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सेक्टर वार बजट तैयार करने का आधार वर्ष 2016-17 का बजट होगा। बजट में केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए राज्य का अंश तथा ऋण की अदायगी प्राथमिकता होगी। सभी प्रशासनिक विभागों को राज्यांश को सही तरीके से दर्शाने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री डेवलपमेंट पैकेज राज्य के अंश का हिस्सा होगा। प्रत्येक परियोजना के लिए धनराशि के प्रावधान में राज्य के अंश का विशेष ध्यान रखना होगा। मुख्यमंत्री तथा योजना विभाग की घोषणाओं को भी बजट में ही समाहित करना होगा। इसके लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं होगा। यह भी कहा गया कि जो भी काम चल रहे हैं या फिर शुरू होने वाले हैं, सबका विस्तृत विवरण दिया जाना चाहिए।
समाज कल्याण विभाग, श्रम व रोजगार, पशुपालन, बिजली, वन, पीएचई, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, ग्रामीण विकास की चर्चा हो चुकी है।
शहरी व आवास विकास व कृषि विभाग की 19 अक्टूबर, पीडब्ल्यूडी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी की 20 को, विधि, वित्त, गृह, राजस्व, राहत व पुनर्वास, सूचना विभाग की 21 को, परिवहन, सीएपीडी, उच्च शिक्षा, शिक्षा विभाग की 22 अक्टूबर को चर्चा होगी। इसके साथ ही लद्दाख तथा कारगिल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 22 अक्टूबर को चर्चा होगी।