जम्मू। उप-राज्पाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया। कश्मीर: वार ऑफ नरेट्व्सि पुस्तक का लेखन बशीर असद ने किया है, जो श्रीनगर के रहने वाले हैं। पुस्तक में जम्मू-कश्मीर में बदलाव से जुड़ी कई बातों को उजागर किया गया है।
दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उप राज्यपाल ने कहा कि पिछले दो साल में जम्मू-कश्मीर के सामाजिक-आर्थिक जीवन में गुणात्मक बदलाव आया है। पिछले सात दशक से जम्मू-कश्मीर को निहित स्वार्थों की वजह से समृद्धि से वंचित रखा गया, जबकि अन्य राज्यों की तुलना में यहां बजट अधिक मिला। 947 गांव रोड कनेक्टिविटी से वंचित रहे। 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता के बावजूद 3500 मेगावाट उत्पादन 75 साल से हो रहा है। हजारों विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया, लेकिन बीच में ही उसे छोड़ दिया गया। सरकार के विशेष प्रयास से अब इन विकास परियोजनाओं को गति दी गई है। कोरोना प्रबंधन पर कहा कि सभी अस्पतालों में आने वाले दिनों में ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 90 हजार एलपीएम तक हो जाएगी। टीकाकरण में देश में टॉप पर है। दूसरी लहर में कहीं से ऑक्सीजन की कमी की कहीं से शिकायत नहीं मिली। औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मार्च 2022 तक 50 हजार करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद है। अगले दस साल में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक केएन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। ब्यूरो