राशन की कालाबाजारी मामले में आरोपी भले न पकड़ा हो गया हो, लेकिन विभागीय अमले पर गाज गिर गई है।
उपभोक्ता मामले एवं जनवितरण विभाग ने तहसील आपूर्ति अधिकारी (टीएसओ) और स्टोर कीपर को अटैच कर दिया गया है। वहीं विभाग ने राशन डीलर का लाइसेंस रद्द करने के लिए सिफारिश भेज दी है।
चड़वाल से सटे चक गंगाराम में स्थित राइस मिल में सरकारी सप्लाई के चावल का ट्रक अनलोड होते देख ग्रामीणों ने मामले का भंडाफोड़ किया था।
ट्रक को पुलिस ने राशन की बोरियों सहित जब्त कर आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया, लेकिन संबंधित सरकारी अमले पर कार्रवाई के लिए जांच शुरू की गई। त्वरित कानूनी कार्रवाई के तौर सीएपीडी ने इलाके की सप्लाई से जुड़े मुलाजिमों को अटैच करने का आदेश जारी कर दिया।
विभाग के सहायक निदेशक टीपी सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के दौरान उन्होंने पाया है कि स्टोर से जो राशन भेजा गया था उसे मढ़ीन और बडाला सेंटर में उतारा जाना था, लेकिन यह राशन एक निजी राइस मिल में उतारा जा रहा था।
इससे साफ होता है कि सरकारी राशन की कालाबाजारी की जा रही थी। इसे देखते हुए उन्होंने फौरन कार्रवाई करते हुए इंचार्ज तहसील आपूर्ति अधिकारी हीरानगर और स्टोर कीपर को अटैच कर दिया है।
बाकायदा दोनों पदों का प्रभार नए मुलाजिमों को सौंप दिया गया है। इसी तरह से राशन डीलर का लाइसेंस स्थाई रूप से रद करने की सिफारिश भी कर दी गई है।
टीपी सिंह ने कहा कि इस मामले की तह तक जाने के लिए विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है, पुलिस मामले के आपराधिक पक्ष पर जांच कर रही है।