सांबा। गर्मी के बढ़ने के साथ ही बिजली की अघोषित कटौती भी जारी हो गई है। इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
स्थानीय निवासी तारा चंद, रोमेल सिंह, विशंभर दास, हरदेव सिंह आदि ने बताया कि बिजली विभाग की ओर से कटौती तो की जाती है, जबकि ग्रिड से अघोषित कटौती के किए जाने से लोग परेशान हैं। उन्होंने बताया कि 12 से 14 घंटों तक कटौती की जा रही है, जिससे लोग काफी परेशानी में हैं। यही नहीं कई कस्बों में पानी का संकट है। जलशक्ति विभाग के पंप नहीं चल पा रहे हैं। लोगों के इनवर्टर तक जवाब दे रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग की ओर से 24 घंटे में आठ घंटे बिजली कटौती का आदेश हैं। जब भी फीडर ओवरलोड होता है तो कटौती की जाती है। यह कटौती भी नार्दन ग्रिड की ओर से की जाती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की आधी ही मशीनें काम कर रही हैं। पानी की कमी के चलते सारी मशीनें नहीं चल रही हैं, जिस कारण बिजली का संकट बना है। मई तक बिजली संकट के कम होने के आसार हैं।
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विभाग की ओर से दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को कट किया जाता है। इस बीच जब दोपहर को फीडर के ओवरलोड होने पर कटौती की जाती है, जबकि अन्य कटौती ग्रिड से की जा रही है।
-अजय पाल सिंह, एईई, बिजली विभाग, सांबा
पारा 38 के पार, सुबह से बाजार मेें पसरा सन्नाटा
विद्युत आपूर्ति की हालत बद से बदतर
अरनिया। करीब तीन सप्ताह से भीषण गर्मी सोमवार को भी जारी रही। जबकि विद्युत आपूर्ति की भी हालत भी बद से बदतर रही। सुबह करीब ग्यारह बजे के बाद तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से क्षेत्र की सड़कें व गलियों में सन्नाटा पसरना शुरू हो गया। जो शाम चार बजे तक जारी रहा।
पंच दर्शन लाल, बलवंत राज, तरसेम लाल, बुआ दित्ता, जगदेव राज, मुल्ख राज, गारू राम व गुरदीप सिंह आदि क्षेत्र के लोगों ने बताया जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, विद्युुत विभाग का सितम भी बढ़ता जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि 24 घंटों में मात्र छह से सात घंटे बिजली मिल रही है। पता भी नहीं चलता कि विभाग द्वारा आपूर्ति और कटौती का कौन सा समय निर्धारित है। इससे पहले भी तापमान में बढ़ोतरी होती आई है। यहां तक कि पारा 40 के पार भी चला जाता है, मगर जैसी बदतर हालत इस बार हो रही है इससे पहले कभी भी नहीं हुई।
लोगों का कहना यह भी है कि इस बार न तो पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है और न विद्युत आपूर्ति का कोई समय निर्धारित किया गया है। करीब सात घंटों के बाद उसे बहाल कर दिया। ग्रिड स्टेशन से पता करो तो वहां से हर रोज की तरह बस एक ही जवाब मिलता है, पीछे से 33 केवीए लाइन बंद है।
सोमवार की बात करें तो रविवार देर रात से जारी बिजली की आंख मिचौली सुबह नौ बजे तक जारी रही और फिर विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह से ठप कर दिया गया, जिसे शाम साढ़े चार बजे बहाल किया गया। हालांकि इस दौरान भी कई दफा लंबी-लंबी कटौती का दौर अभी भी जारी है।