परगवाल। क्षेत्र में पड़ रही गर्मी के बीच बिजली कटौती और लोवोल्टेज से लोग बेहाल हैं। आलम यह है कि मौजूदा समय विभाग एक घंटे के बाद एक घंटे का कट लगा कर अलग-अलग फिडर चलाकर लोगों को राहत देने की कोशिश कर रहा है। एक घंटे की बहाली में भी कई बार फाल्ट और तार टूटने से आपूर्ति सुचारु नहीं चल पा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि विभाग पुराने ढांचे पर काम चला रहा है। बिजली सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से धान की फसल लगाने में भी देरी हो रही है। स्थानीय निवासी सुभाष सिंह का कहना है कि लो वोल्टेज से उनके घरों में लगे पंखे कूलर नहीं चल पा रहे हैं। घर के बुजुर्गों समेत बच्चों का गर्मी से बुरा हाल है। वह बीमार पड़ रहे हैं। बिजली कटौती की सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है, क्योंकि बहूत सारे किसानों की जमीन वाटर पंपों के पानी पर निर्भर है। लो वोल्टेज से उनके खेतों में लगे पंप सेट नहीं चल पा रहे हैं, जिससे उनकी धान की फसल प्रभावित हो रही है।
गिरधारी शर्मा ने कहा कि एक घंटे के बाद एक घंटे का कट उनके लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि एक घंटे में एक से दो खेतों में ही सिंचाई हो पाती है। इसके बाद वह खेत सूख जाते हैं। इसलिए वह धान की फसल नहीं लगा पा रहे हैं, जिससे वह चिंतित है कुल मिलाकर भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोगों का बुरा हाल है। वहीं एईई नवनीत सिंह ने बताया था कि ग्रिड ओवरलोड की वजह से दिक्कत आ रही है। दिक्कत खाली परगवाल में ही नहीं है अन्य क्षेत्र में भी है। अखनूर ग्रिड में बड़ा ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव है। उसके लगते ही यह दिक्कत दूर हो जाएगी।