Congress Press Conference in Kathua
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भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कठुआ के चड़वाल में पत्रकार वार्ता को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर कहा कि भूलना नहीं चाहिए कि जब कश्मीर में विस्थापन हुआ तब प्रधानमंत्री कौन थे। कांग्रेस ने हमेशा सभी हिंदू-मुस्लिम के एकजुट रहने के लिए समर्थन किया है। इसी के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली गई है। गौरतलब है कि 1989 में केंद्र में विश्वनाथ प्रताप सिंह प्रधानमंत्री थे। तब केंद्र की सत्ता पर जनता दल का कब्जा था। दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में इस ओर इशारा किया है।
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रवींद्र शर्मा बोले कि 1990 में कश्मीरी पंडित भाई शहीद हुए और उन्हें जम्मू आना पड़ा है। इसका हमें दुख है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें कश्मीर में नौकरी मिली लेकिन पिछले छह महीने में टारगेट किलिंग में जम्मू में आ गए। छह महीने से अधिक समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार से इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
रवींद्र शर्मा ने कहा कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को यूपीए सरकार के दौरान पैकेज दिया गया। तब कश्मीरी पंडित कर्मचारी लोगों के घरों में भी रहते थे। ट्रांजिट कैंप में रहते थे। किसी को शहीद नहीं किया गया।
वहीं, भाजपा द्वारा कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के साथ कांग्रेस के ही टूटने को लेकर टिप्पणी पर जयराम रमेश ने कहा कि पीडीपी के साथ भाजपा ने सरकार बनाई। कामन एजेंडा राम माधव और हसीब द्राबू ने तैयार किया। जो आरोप लगाते हैं उन्हें खुद को देखना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं। उधर, डोगरा स्वाभीमान संगठन के चौधरी लाल सिंह को लखनपुर में मंच पर जगह न दिए जाने पर रवींद्र शर्मा ने कहा चौधरी लाल सिंह यात्रा का स्वागत किया इसके लिए उनका धन्यवाद करते हैं।
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'चीन हमारी जमीन पर बैठा है फिर भी रिकार्ड आयात हो रहा'
भारत की चीन को लेकर नीति पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। जयराम रमेश बोल कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते हैं। चीन हमारी जमीन पर बैठा है। बीस जून 2020 को प्रधानमंत्री ने कहा न कोई अंदर आया न अंदर बैठा, कहा कि वास्तविकता यह है कि चीन भारत की जमीन पर बैठा है और चीन से आयात रिकार्ड स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरुणाचाल और लद्दाख में सीमाओं पर चीन तनाव कर रहा है। केंद्र सरकार ट्रेड पर कार्रवाई नहीं कर रही है न ही अंकुश लगाया है।
'पाकिस्तान को आतंकवाद छोड़ना होगा'
वहीं, पाकिस्तान के साथ बातचीत पर दिग्विजय सिंह ने का कि पाकिस्तान के साथ बात कौन नहीं चाहता लेकिन उन्हें आतंकवाद छोड़ना होगा। सभी मद्दों में डायलॉग हमेशा एक अवसर है। कब इस्तेमाल करना है या नहीं यह समय की बात है। दिग्विजय फारुक के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। जयराम रमेश ने कहा कि 23 राजनीतिक दलों को श्रीनगर की बैठक के लिए निमंत्रण दिया गया है।
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