जम्मू। सुचेतगढ़ के आक्ट्राय पोस्ट पर शनिवार को शुरू हुई बीटिंग द रिट्रीय सेरेमनी में पहुंचे बीएसएफ के परिवालवालों और स्कूली विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। उन्होंने कहा कि यह नई शुरुआत पर्यटन को बढ़ावा देगी। इसके साथ स्थानीय अर्थ व्यवस्था का विस्तार होगा।
बीएसएफ से परिजन रोबीना ने कहा कि आज उन्हें लिए ऐतिहासिक क्षण है कि उन्हें बीटिंग द रिट्रीट देखने को मिली है। वाघा बार्डर में ऐसी रिट्रीट के बारे में सुना था, लेकिन आज सुचेतगढ़ में भी इसकी शुरुआत हुई है। जम्मू कश्मीर में नई सुबह की शुरुआत हुई है। पर्यटन का विस्तार किया जा रहा है। एक अन्य परिजन मनीशा ने कहा कि उनके और बच्चों के लिए बीटिंग द रिट्रीट नई पहल है। रिट्रीट सेरेमनी को देखने के लिए रोमांच के साथ काफी उत्साह था। इसमें बीएसएफ के जवानों ने जाबांजी के साथ कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। अंजलि ने कहा कि उनके पिता बीएसएफ में है और उन्हें आज बीटिंग द रिट्रीट की पहली सेरेमनी देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। खासतौर पर बच्चों में इसको लेकर काफी उत्साह था। जवानों ने भी उपस्थिति के समक्ष शानदार प्रदर्शन किया। रानो देवी ने कहा कि बीएसएफ हमेशा शांति और सद्भाव का संदेश देती रही है, लेकिन वे दुश्मनों की हर चुनौती का सामना करने के लिए भी हमेशा तैयार रही है। आज रिट्रीट सेरेमनी शुरू करके बीएसएफ ने दिखाया है कि वे अपने कर्तव्य के साथ अन्य गतिविधियों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। भावना ने कहा कि आज यह ऐतिहासिक पल हैं और इसमें हमेशा जीवन में याद रखेंगे। इस बीच गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल बस्ती गुलाबगढ़, सुचेतगढ़ सेआई छात्राओं ने भारत माता की जय के जयघोष लगाकर पूरे माहौल को देशभक्तिमय बनाया।
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बार्डर टूरिज्म की नई पहल
सुचेतगढ़ की आक्ट्राय पोस्ट पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी शुरू होने से बार्डर टूरिज्म के लिए नई पहल की गई है। पर्यटन विभाग ने करीब दस वर्ष पहले सुचेतगढ़ में बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कवायद शुरू की थी। इसमें रिट्रीट सेरेमनी शुरू करने की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन पाकिस्तान की ओर से कोई सकारात्मक रुख न रखने के यह आयोजन नहीं हो पा रहा था। अब भारत की ओर से रिट्रीट सेरेमनी शुरू कर दी गई है। बताया जाता है कि इसे शनिवार और रविवार को आयोजित किया जाएगा। जिसमें छुट्टी के दिन बड़ी संख्या में स्थानीय पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
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पोस्ट पर बना है पुराना रेलवे स्टेशन ढांचा
सुचेतगढ़ की आक्ट्राय पोस्ट पर आज भी पुराने रेलवे स्टेशन के भवन का ढांचा स्थापित है। सुचेतगढ़ के दूसरी तरफ पाकिस्तान का पहला शहर सियालकोट पड़ता है। आजादी से पहले जम्मू से सियालकोट के बीच रेल लेवा चलती थी। बंटवारे के पूर्व दोनों तरफ से लोग इस रेलमार्ग से लाहौर व आगे का सफर करते थे।जिला मुख्यालय जम्मू से सुचेतगढ़ सीमा 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह आरएस पुरा तहसील का अंतिम गांव है, जिसके साथ पाकिस्तानी सीमा लगती है।