इसमें एडवाइजरी में जगह के हिसाब से 15 पौधे लगानेका प्रस्ताव है, जिसमें स्थानीय पौधों को भी लगाया जाएगा। इसके अलावा 18 से 70 आयु वर्ग के लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसमें उनके शारीरिक प्रकृति की जांच की जाएगी, कि उन्हें भविष्य में कैसे बीमारियों से बचाया जा सके। इसमें डिजिटल तौर पर लाभार्थियों का फैमिली फोल्डर बनेगा, जिसमें उन्हें हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। ये डेटा आधार लिंकड होगा, ताकि वे कहीं भी चिकित्सा सुविधा का लाभ पा सकें।
इन केंद्रों पर 8 किस्म के सामान्य लेबोरेटरी टेस्ट किए जाएंगे। इसमें गर्भधारण, खून, मधुमेह, हैपेटाइटिस, एचआईवी आदि के टेस्ट होंगे। लोगों को हर्बल दवाओं को लेकर जागरूक किया जाएगा। उन्हें योग का भी लाभ मिलेगा। जम्मू कश्मीर में वर्ष 2020-21 के लिए 100 अन्य हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र मंजूर हुए हैं। इसके अलावा वर्ष 2021-22 के लिए 123 ऐसे केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।