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जम्मू-कश्मीर से 370 की आजादी ने दी जम्मू के हक को आवाज

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर से 370 की आजादी ने जम्मू के हक को आवाज दी। कश्मीर के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए अब जम्मू को उसके अधिकार देने की मांग तेज हुई है। जम्मू डिक्लरेशन के जरिये जम्मू संभाग के हक के लिए आवाज मुखर हो रही है। परिसीमन आयोग के दौरे के दौरान भी जम्मू को उसका हक देने की मांग की गई। नेकां की ओर से उठाई गई इस मांग पर कश्मीर से पार्टी में तनातनी की स्थिति भी उत्पन्न हुई। इस मुद्दे पर पार्टी में जम्मू बनाम कश्मीर की जंग शुरू हो गई है।
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जम्मू-कश्मीर की सियासत में शुरू से ही कश्मीर हावी रहा है। जम्मू संभाग के लोगों में अपने साथ भेदभाव होने तथा दबाए जाने की भावना पनपती रही है। 370 हटने के बाद यह असंतोष सामने आया और जम्मू को सशक्त बनाए जाने की आवाज उठने लगी। नेकां ने तो बकायदा गुपकार डिक्लरेशन के समानांतर जम्मू डिक्लरेशन की घोषणा की। इसमें जम्मू संभाग को उसका हक देने, रोजगार के अवसर सृजित करने तथा राजनीतिक रूप से सशक्त बनाए जाने की मांग की गई। नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने संभाग के सभी जिलों में इसके लिए अभियान चला दिया। उन्होंने सभी संगठनों से जम्मू डिक्लरेशन को समर्थन देने की अपील भी की।
परिसीमन आयोग के दौरे के दौरान कई संगठनों ने खुलकर बात सामने रखी कि राजनीतिक रूप से जम्मू के साथ भेदभाव हुआ है। इसे दूर किए जाने की जरूरत है। नेकां समेत कई अन्य संगठनों ने आयोग को प्रतिवेदन देकर कहा कि केवल जनसंख्या को ही परिसीमन का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। बल्कि परिसीमन के अन्य मापदंडों मसलन भौगोलिक परिस्थितियां, कनेक्टिविटी तथा विधानसभा के वोटर संख्या में अनियमितता को भी देखा जाना चाहिए।
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कोट
कश्मीर केंद्रित राजनीति हमेशा से हावी रही है। जम्मू का राजनीतिक सशक्तीकरण होना चाहिए। अनियमितता दूर होनी चाहिए। जमीनी स्तर तक लोकतंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए। फंड के आवंटन में भी जम्मू के साथ भेदभाव किया गया। विधानसभा में सीट की संख्या भी कम रही। 370 हटा तो जम्मू को हक मिलने की उम्मीद जगी है। -शामलाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा
370 हटने के बाद जम्मू के हक के लिए आवाज उठनी शुरू हुई थी। उम्मीद जगी थी कि जम्मू के साथ भेदभाव खत्म होगा। 370 हटाने के दौरान काफी सब्जबाग दिखाए गए थे। लेकिन अब तक इस पर कुछ नहीं हुआ। महाराजा के राज्य के टुकड़े कर दिए गए। भाजपा ने अपना एजेंडा पूरा किया। आज हर कोई परेशान दिख रहा है।- अजय सडोत्रा, पूर्व मंत्री व नेकां नेता
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