भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) पर भले ही कुछ हद तक शांति बहाल हुई है, लेकिन पाकिस्तान की हर गतिविधि पर सेना की नजर है। टाइगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल संजीव नारायण ने कहा कि आईबी और एलओसी के उस पर क्या हो रहा है और किस ढंग से आतंकी गतिविधियों का संचालन हो रहा है, उस पर पूरी नजर रखी जा रही है।
हालांकि उन्होंने सीमा या नियंत्रण रेखा के पार आतंकियों की संख्या और प्रशिक्षण शिविर पर कुछ भी स्पष्ट कहने से इंकार कर दिया।
सुजवां आर्मी कैंप में चल रहे ‘जागरूक हिंदुस्तानी प्रीमियर क्रिकेट लीग’ के फाइनल राउंड का उद्घाटन करने के बाद जीओसी पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
आईबी और एलओसी पर कुछ हद तक शांति के बाद सेना की ओर से बदली गई रणनीति पर कुछ भी कहने से इंकार करते हुए जीओसी ने कहा कि यह सुरक्षा का मामला है।
इसे सार्वजनिक करना उचित नहीं, लेकिन सेना पड़ोसी देश की हर चाल पर नजर रख रही है। पिछले दिनों आईबी और एलओसी पर रिमोट कंट्रोल मशीन गन लगाने की हुई चर्चाओं के संबंध में पूछे जाने पर जीओसी ने हंसते हुए कहा कि आईबी पर बीएसएफ है और एलओसी उनकी डिवीजन से काफी दूर है।
इसलिए उनके पास कोई जानकारी नहीं है। नागरिकों के साथ अचानक सेना के बढ़ते मेल-मिलाप और संबंधों पर जीओसी ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र सुरक्षा सेवा में अवाम का भी साथ लेना है।
दीनानगर में हुए आतंकी हमले से पहले रेलवे लाइन पर लगे आईईडी की सूचना एक दूध वाले ने दी। रेलवे फाटक पर तैनात कर्मचारी ने ट्रेन रुकवाई।
इतना ही नहीं, उधमपुर आतंकी हमले में दो नागरिकों ने पाकिस्तानी आतंकी को जिंदा पकड़ा। सुरक्षा के मामलों में नागरिकों की भी अहम भूमिका सामने आई है। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए सेना लोगों के बीच जाकर उन्हें सुरक्षा के संबंध में जानकारी दे रही है।