जम्मू संभाग में कठुआ जिले के बसोहली के पुरथू के नज़दीक मंगलवार को भारतीय सेना का एक चॉपर क्रैश हुआ। चॉपर के पायलट और सह-पायलट का अभी तक कोई पता नहीं चला पाया है, जिसे लेकर दूसरे दिन भी सेना की तरफ से तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
जम्मू संभाग में कठुआ जिले के बसोहली के पुरथू के नज़दीक मंगलवार को भारतीय सेना का एक चॉपर क्रैश हुआ। चॉपर के पायलट और सह-पायलट का अभी तक कोई पता नहीं चला पाया है। भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना के एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर के दो लापता पायलटों की तलाशी में अभियान बुधवार सुबह फिर से शुरू कर दिया गया है। भारतीय नौसेना के गोताखोर भी तलाशी अभियान में शामिल हो गए हैं।
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बता दें कि मामून कैंट, 254 सेना विमानन स्क्वाड्रन, से चॉपर ने उड़ान भरी थी। जोकि रंजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी की वजह से यह हादसा हुआ। तलाशी एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ की टीम लगी हुई है। एसएसपी कठुआ रमेश कोटवाल ने बताया कि हेलिकॉप्टर का कुछ सामान झील से बरामद हुआ है।
विशेष बल और गोताखोर मंगलवार से बचाव अभियान चला रहे हैं। जिसके पूरा होने पर ही बताया जा सकेगा आखिर कैसे ये हादसा हुआ है। यह तकनीकी मामला है, अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जहां हादसा हुआ, उस स्थान पर पानी की गहराई काफी अधिक है। सेना की टीम भी बचाव अभियान चला रही है, सेना को इस स्थान के बारे में विशेष जानकारी है क्योंकि सेना इस इलाके में प्रशिक्षण देती है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
इससे पहले जनवरी महीने में लखनपुर में सेना का सेना का ध्रुव हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। रुटीन पैट्रोलिंग पर निकले हेलिकॉप्टर ने पठानकोट के मामून कैंट से उड़ान भरी थी। जोकि लखनपुर से सटे सैन्य क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर गया था।