अवामी नेशनल कांफ्रेंस (एएनसी) के अध्यक्ष फारूक अहमद शाह ने सोमवार को कहा कि पार्टी, उनके द्वारा दायर याचिका उच्च न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद अब विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों की सूची को लेकर आखिरी निर्णय लेगी। श्रीनगर में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने हाई कोर्ट में चुनावों के स्थगन को लेकर याचिका दायर की थी।
इसे हाईकोर्ट से चुनाव आयोग को भेजा गया था। शाह ने बताया कि उन्होंने याचिका इसलिए दायर की थी क्योंकि उनकी पार्टी के अनुसार कश्मीर में आई भीषण बाढ़ के बाद पहली प्राथमिकता राहत कार्यों को दी जानी चाहिए थी न कि चुनावों को। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लाखों की संख्या में ऐसे लोग होंगे जो बाढ़ के बाद पैदा हुई मौजूदा स्थिति के चलते अपने मत का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा दायर याचिका के हक में कई बार बहस भी हुई। इसमें उन्होंने यह सफाई भी रखी थी कि जब गुजरात दंगों के कारण राज्य में चुनावों को छह महीने के लिए स्थगित किया गया तो फिर जम्मू कश्मीर में ऐसा क्यों नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल राहत कार्यों को भूलकर राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हो गए हैं। चुनाव लड़ने के पर सवाल उन्होंने कहा कि वह हाईकोर्ट द्वारा पूरा फैसला सुनाए जाने के बाद ही पार्टी आखिरी निर्णय लेगी।