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आईआईएम जम्मू में खुशमिजाज जिंदगी का पाठ पढ़ाएगा आनंदम- दि सेंटर ऑफ हैप्पीनेस

Wed, 31 Mar 2021 01:08 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • आईआईएम जम्मू में आनंदम - दि सेंटर ऑफ हैप्पीनेस का शुभारंभ
  • ध्यान और योग के साथ खुशहाल जीवन का रोडमैप सुझाएगा केंद्र
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विस्तार
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भारत के ऐतिहासिक तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय की गुरुकुल संस्कृति की तर्ज पर भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू ने अनोखी की पहल की है। संस्थान ने आनंदम - दि सेंटर ऑफ हैप्पीनेस शुरू किया है। इसमें विद्यार्थी आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच खुशमिजाज जीवनशैली का पाठ पढ़ेंगे। मंगलवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सेंटर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की मौजूदगी में शुभारंभ करते हुए एलजी ने सेंटर को मील का पत्थर बताया।

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अध्ययन के साथ अनुसंधान भी होगा
प्रतिस्पर्धी माहौल में तनाव से कैसे बचें, योग और ध्यान से अपनी ऊर्जा को एकत्रित कर सही दिशा में लगाने विधि समेत खुशहाल जीवन पर अनुसंधान और सम्मेलन होंगे। यह केंद्र न सिर्फ विद्यार्थियों बल्कि पूरे समाज में खुशहाली लाने के विषयों पर अध्ययन से लेकर प्रयोग करेगा। तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने के लिए इस केंद्र को मार्गदर्शक की भूमिका में स्थापित किया जाएगा।

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दिन की शुरुआत योग-ध्यान से हो : एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि स्कूल-कॉलेज से लेकर तमाम कार्यस्थलों पर काम शुरू करने से पूर्व पांच मिनट ध्यान और दस मिनट योग होना चाहिए। सामूहिक विकास से लेकर व्यक्तिगत तरक्की का पैमाना केवल पैसा नहीं हो सकता। हम कितने खुश हैं, यह मायने रखता है। उन्होंने कहा कि भूटान में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की बजाय ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस को तरक्की का पैमाना माना जाता है।
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आईआईएम जम्मू में आनंद नई शिक्षा नीति के अनुरूप महत्वपूर्ण कदम है। तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय की गुरुकुल संस्कृति हो या फिर भारतीय संस्कृति का आधार वेद, जीवन के आदर्श खुशी से जुड़े बताए गए हैं, जिनकी जानकारी आसान भाषा में शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल होनी चाहिए।

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