शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में खून की कमी बनी हुई है। हर साल करीब साठ हजार यूनिट (ब्लड) की जरूरत पड़ती है। रक्तदाताओं के खुलकर आगे न आने से 30 से 35 हजार यूनिट ही अस्पतालों को सप्लाई हो पाता है।
इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से ‘अमर उजाला फाउंडेशन’, रेडक्रास सोसाइटी, जेएंडके एड्स कंट्रोल सोसायटी और जीएमसी के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसन विभाग के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदाता दिवस (एक अक्तूबर) को रेडक्रास सराय महेशपुरा चौक बख्शीनगर में रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है।
शिविर सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगा। जागरूकता के अभाव में अक्सर पढ़े-लिखे लोग भी रक्तदान से बचते हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को खून के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इसमें खासकर नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले मरीजों के तीमारदारों को ज्यादा कसरत करनी पड़ती है।
‘अमर उजाला’ फाउंडेशन ने लोगों की इस प्रवृति और भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का बीड़ा उठाया है। अटेंडेंट सराय में पहली अक्तूबर को लगाए जा रहे शिविर में इच्छुक रक्तदाता रक्तदान करके इंसानियत की सेवा में अपना योगदान दें।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसन विभाग, जीएमसी जम्मू के एचओडी प्रो. विजय साहनी ने बताया कि रक्तदान से जांच के दौरान रक्तदाता के भीतर एचआईवी/एड्स, हैपेटाइटिस बी और सी, वीडीआरएल और मलेरिया जैसी बीमारियों का पता चलता है।