जम्मू-कश्मीर में किशोरों के बाद अब बच्चों को कोरोना टीके की खुराक देने की तैयारियां की जा रही हैं। स्कूलों में 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान जारी है। सभी किशोरों को टीके की दूसरी खुराक दी जा रही है। अब वे अपने से छोटे बच्चों को टीकाकरण के लिएप्रोत्साहित कर रहे हैं। इस जागरूकता को बढ़ाने के लिए शिक्षक, पार्षद, अभिभावक, सामाजिक संगठन आदि वर्ग के लोग अपना योगदान दे रहे हैं।
दिल्ली पब्लिक स्कूल की नौंवी कक्षा की छात्रा अक्षरा ने शुक्रवार को टीके की दूसरी खुराक ली। उसने बताया कि अब वह अपने छोटे भाई-बहनों को भी टीके की खुराक लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। छात्रा ने कहा कि टीके की दोनों खुराक लेकर वह खुद को कोविड से सुरक्षित महसूस कर रही है। जीडी गोनिका स्कूल की आठवीं की छात्रा अन्नया ने अभी टीके की पहली खुराक ली है। उसने बताया कि वह अपने से जूनियर विद्यार्थियों को टीके के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
दीवान देवी हायर सेकेंडरी स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा टिया धवन टीके की दोनों खुराक लेकर खुद को सुरक्षित मान रही हैं। उसका कहना है कि टीकाकरण से ही देश में कोविड पर नियंत्रण करने में सफलता मिली है। इसी स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा आरती ने कहा कि किशोरों के बाद सभी बच्चों को टीके की दोनों खुराक लेनी चाहिए। यह उन्हें स्वास्थ्य बनाने के साथ समाज को मजबूत बनाता है। स्कूलों में चल रहे टीकाकरण अभियान में बड़ी संख्या में बच्चों की भीड़ पहुंच रही है।
टीकाकरण से ही सुरक्षित होंगे बच्चे
दीवान देवी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक अश्विनी सूरी का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों के टीकाकरण के लिए उचित व्यवस्था की गई है। गर्मी और बिजली कटौती से थोड़ी परेशानी है, लेकिन सभी कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है। टीकाकरण से ही हम बच्चों को सुरक्षित बना सकते हैं।
बीमारियों से लड़ने को सक्षम होंगे बच्चे
दीवान देवी स्कूल की प्रिंसिपल सिलोनी आनंद ने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकार ने किशोरों के बाद बच्चों को भी कोविड टीकाकरण करने का फैसला लिया है। टीकाकरण से बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ होंगे और भविष्य में ऐसी संक्रमित बीमारियों से लड़ने के लिए सक्षम बनेंगे।
अभिभावक बच्चों को लेकर आगे आएं
अभिभावक वंदना कक्कड़ ने बताया कि वह अपनी बेटी को खुद स्कूल में टीकाकरण करवाने के लिए आई हैं। सभी अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने के साथ प्रोत्साहित करें, ताकि वे कोविड जैसी बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें।
टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित
वार्ड तीन के पार्षद नरोत्तम शर्मा ने कहा कि कोविड महामारी से लड़ने के लिए एकमात्र साधन टीकाकरण है। समाज के सभी वर्ग के लोगों को अपने बच्चों को टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। टीकाकरण से किसी तरह की कोई भ्रांति नहीं है और यह पूरी तरह से सुरक्षित है। सरकार की ओर से जल्द 5-12 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू करने की योजना है।