सरकार गठन से ज्यादा सियासी दल राज्यसभा चुनाव पर ज्यादा फोकस देते हुए निर्दलीय उम्मीदवारों को अपने खेमे में जुटाने की मशक्कत जारी रखे हुए हैं। झंस्कार के निर्दलीय सईद बाकिर रिजवी के पीडीपी अध्यक्ष महबूबा के आवास पर चली बैठक में शामिल होने के बाद निर्दलीय विधायकों को अपने खेमे में जुटाने की मशक्कत सियासी दलों ने तेज कर दी है।
राज्यसभा की एक सीट पर निर्दलीय विधायक किंग मेकर की भूमिका हैं और इसी को मद्देनजर रखते हुए इन दिनों सियासी दलों के नेताओं का फोकस इन पर टिका हुआ है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में सीपीआई के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, पीपुल्स कांफ्रेंस के दो निर्दलीय विधायकों सज्जाद लोन और बशीर अहमद डार, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के निर्दलीय विधायक हकीम यासीन, उधमपुर के निर्दलीय विधायक पवन गुप्ता, झंस्कार से निर्दलीय विधायक सईद बाकिर रिजवी और लंगेट के निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद शामिल हैं।
इन विधायकों से सियासी दलों के नेता संपर्क कर अपने खेमे में खींचने के भरसक प्रयास कर रहे हैं। दूसरे खेमे के निर्दलीय विधायकों पर भी सेंध लगाने का काम चल रहा है।
भाजपा और पीडीपी के नेताओं के अनुसार पार्टियां दो-दो सीटें जीतना चाहती हैं। कांग्रेस और नेकां कम से कम राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद की उम्मीदवारी वाली सीट जीतना चाहती है।