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धान की नष्ट हुई फसल का 600 रुपये कनाल होगा मुआवजा

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सांबा। किसानों की नष्ट हुई धान की फसल का सरकार की ओर से 600 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिए जाने के लिए तेज गति से सूची बनाई जा रही है। जिले में 23 व 24 अक्तूबर को बारिश व ओले से धान की फसल नष्ट हो गई थी। इससे किसान काफी परेशान हो गए थे।
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उपराज्यपाल के सलाहकार ने भी विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर नष्ट हुई फसल की जानकारी ली। उन्होंने इसकी रिपोर्ट उपराज्यपाल को दी। सरकार ने इसे आपदा घोषित कर दिया, जिस पर किसानों को कुछ आस जगी कि नुकसान की कुछ तो भरपाई हो सकेगी।
किसान संगठन के जिला प्रधान कर्ण सिंह के अनुसार कि किसानों का धान की फसल पर 15 से 20 हजार तक खर्च हो जाता है। ऐसे में किसानों को 6 हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए। सरकार की ओर से दिए जाने वाला मुआवजा काफी कम है। किसान बोध राज, कृष्ण लाल, सुरिंद्र सिंह आदि ने बताया कि वह पहले फसल बीमा की किस्त बैंक में जमा कराते थे। इस पर बैंक अधिकारियों ने उन्हें किस्त बंद करने को कहा, तो उन्होंने किस्त बंद करा दी। यदि बीमा योजना की किस्त जारी रहती तो आज उन्हें नष्ट फसल का उचित मुआवजा मिल जाता।
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जिले में जिन किसानों ने फसल बीमा कराया था, निजी बीमा कंपनी की ओर से किसानों को पांच हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया जाने को कहा गया है। इसके लिए किसानों से कृषि विभाग की ओर से औपचारिकताएं मांगी जा रही हैं। धान के अतिरिक्त अन्य फसल के नष्ट होने की भी सूची बनाई जा रही है।
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धान की नष्ट हुई फसल का मुआवजा बनाया जा रहा है। जिले के सभी तहसीलदारों को आदेश जारी किया गया है कि शीघ्र ही सुची मुकमम्ल करें। कुछ धन प्रशासन के पास उपलब्ध है, जो तहसील स्तर पर आवंटित कर दिया है। ताकि नष्ट हुई फसल का मुआवजा शीघ्र ही किसानों के खातों में पहुंचाया जाए।
-सूरम चंद शर्मा, एडीसी सांबा
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वाक्स
हमने सरकार से धान की नष्ट हुई फसल का 6 हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा मांग है। क्योंकि धान की फसल पर किसान का 15 से 20 हजार रुपयेखर्च हो जाते हैं।
-राधा कृष्ण, बीडीसी अध्यक्ष, राजपुरा
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जिले में किसानों की ओर से 12 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल लगाई गई थी, जिसमें कई क्षेत्रों में सौ प्रतिशत फसल नष्ट हो गई व कई क्षेत्र में 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नष्ट हुई है। जिसकी सूचियां बनाने का काम तेजी चल रहा है। जिले के 4726 किसानों ने ही फसल बीमा कराया था।
-संजे वर्मा, मुख्य जिला कृषि अधिकारी, सांबा।
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50 प्रतिशत नष्ट हुई धान की फसल की सूचियां बनाई जा चूकी है। राजस्व एवं कृषि विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच कर सूचियां बना रहे हैं। सरकार की ओर से किसानों को 600 रुपये प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। कुछ दिनों के भीतर ही किसानों के खातों में धन भेज दिया जाएगा।
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-राम पाल शर्मा, तहसीलदार, सांबा
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