आरएस पुरा। दिन ब दिन रसोई गैस सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। इसके कारण आम जनता बेहाल है। लोगों में महंगाई पर नियंत्रण पाए जाने के बजाय बढ़ोतरी से लोगों में रोष है।
एक बार फिर रसोई गैस सिलेंडर में पचास रुपये की बढ़ोतरी करने पर लोग इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बुजुर्ग कामरेड स्वरूप सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को विशेष कर रोजमर्रा में प्रयोग में लाए जाने वाले समान की कीमतों पर नियंत्रण रखना चाहिए, पर ऐसा नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक देश में रसोई गैस सिलिंडर के प्रयोग में लाए जाने के लिए कमी आ रही है। इसका मुख्य कारण अधिक कीमत है। एक ओर बढ़ रही बेरोजगारी चिंता बनी होने के साथ अब महंगाई की मार से लोगों के घर का बजट बिगड़ने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि आम आदमी का रोजगार चला गया और गैस कंपनियां सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 14.2 किलो के सिलिंडर की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी करने पर अब कीमत 1105 रुपये तक जा पहुंची है। देश की गैस कंपनियों द्वारा सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी करना उचित नहीं है। इससे गैस कंपनियों ने देश को महंगाई का एक और बड़ा झटका दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्व्वला योजना के अंतर्गत निशुल्क गैस सिलिंडर व कनेक्शन देने पर इसकी कीमत प्राप्त कर रही है। कई गरीब लोग अब सिलिंडर नहीं भरा पा रहे।
कस्बे के रमेश चौधरी का कहना है कि जिस प्रकार के हालत हैं उससे देश की आम जनता को फिलहाल दूर-दूर तक महंगाई से किसी तरह की कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही। सरसों को तेल, दालें सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं और अब गैस सिलिंडर में 50 रुपये बढ़ोतरी करने पर 1105 रुपये का सिलिंडर खरीद पाना मुश्किल होगा।
रसोई गैस के दाम बढ़ने से रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। रसोई गैस के दाम बढ़ने पर महिलाओं में रोष है। महिलाओं के अनुसार पहले से ही हर वस्तु के दाम आसमान छू रहे हैं। ऊपर से रसोई गैस के दाम बढ़ा कर महिलाओं के रसोई के बजट को बिगाड़ दिया है।
महिला रानी देवी, बिमला देवी, पोली देवी, रश्मि शर्मा ने बताया कि पहले से ही महंगाई आसमान छू रही है। खाद्य पदार्थों के दाम पहले से ही बढ़ाए जा चुके हैं। अब रही सही कसर रसोई गैस ने निकाल दी है। उन्होंने कहा कि बढ़ रही महंगाई से घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। दिन प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई से हर वर्ग परेशानी में है। खासकर महिलाओं को रसोई चलानी मुश्किल हो गई है।