जिला सांबा की पल्ली पंचायत में रविवार को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर में 38 हजार करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं को भूमिपूजन के माध्यम से जमीन पर उतारेंगे। प्रदेश में अब तक 51698 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया गया है। इसमें 2.37 लाख संभावित रोजगार की संभावना देखी जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र में नई क्रांति लाने की दिशा में निवेशकों के लिए अधिकांश औपचारिकताएं सरल बना दी गई हैं। जम्मू-कश्मीर नए निवेश गंतव्य की ओर अग्रसर है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रधानमंत्री की रैली में यूएई के प्रतिनिधित्व भी शामिल होंगे।
जम्मू-कश्मीर में आवास, आतिथ्य, उद्योग, भंडारण, फिल्म और रियल इस्टेट के विकास के लिए 18300 करोड़ रुपये के 39 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रदेश में प्रमुख क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र, सीमेंट, खनिज, प्लास्टिक, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। 6000 बिस्तरों वाले अस्पतालों के साथ मेडिसिटी को लाया जा रहा है। इसमें लिए मीरां साहिब, जम्मू और श्रीनगर में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कुछ चिह्नित अलॉटियों को औपचारिक तौर पर औद्योगिक भूमि आवंटित करेंगे। प्रदेश में में अब तक 1745 इकाइयों के लिए दस हजार से अधिक कनाल औद्योगिक भूमि अलॉट कर दी है।
प्रदेश में 108 जनऔषधि केंद्र समर्पित होंगे
पल्ली रैली के दौरान प्रधानमंत्री के हाथों जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नई सौगात मिलेगी। पीएम प्रदेश के लोगों को 108 जन औषधि केंद्र समर्पित करेंगे। ये केंद्र सरकारी अस्पतालों और निजी केंद्रों में खोले जाएंगे। इनका उद्देश्य मरीजों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाकर उनके खर्चे को कम करना है। लोगों में सामान्य दवाइयों को लेकर लोकप्रियता बढ़ाई जा रही है। यह धारणा भी दूर की जा रही है कि हर सस्ती दवाई प्रभावी नहीं होती हैं। महिलाओं को जन औषधि केंद्रों पर सेनिटरी नैपकिन सस्ते दरों पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। नई नीति के तहत प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना केंद्रों में व्यक्तिगत उद्यमियों को शामिल करके उन्हें रोजगार दिया जा रहा है।