जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचारियों पर दोगुना रफ्तार से कार्रवाई हुई है। राजनीतिक हस्तक्षेप न होने का असर साफ तौर पर दिख रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हो या फिर सीबीआई। दोनों ने ही भ्रष्टाचार के बड़े मामले दर्ज कर करोड़ों रुपये के घोटाले सामने लाए हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर बैंक में तीन हजार अवैध नियुक्तियों का मामला भी शामिल है। जबकि हुडकु हाउसिंग, जेके बैंक ऋण और करोड़ों रुपये का चावल घोटाला भी मुख्य रूप से शामिल है। पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी के नाम अवैध कांप्लेक्स का मामला भी सीबीआई ने दर्ज किया।
जानकारी के अनुसार यूटी बनने के बाद एसीबी ने जम्मू-कश्मीर में 153 एफआईआर दर्ज की हैं। अक्तूबर, 2019 से 31 दिसंबर, 2019 तक 14 एफआईआर दर्ज हुईं। इसमें 10 जम्मू और चार कश्मीर में मामले दर्ज हैं। 2020 में 71 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें जम्मू में 33 और कश्मीर में 38 हैं। 2021 में अब तक जम्मू में 27 और कश्मीर में 56 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। जबकि 2018 में पूरे प्रदेश में मात्र 35, 2017 में 33 और 2016 में 23 एफआईआर हुईं। यही नहीं एसीबी के पास साल की छह हजार शिकायतें आ रही हैं, जो पहले दो हजार के आसपास थीं।
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इन बड़ी हस्तियों पर कार्रवाई
- जेके बैंक अवैध नियुक्तियां
- 2019 में तीन हजार अवैध नियुक्तियों का भंडाफोड़ हुआ। मामले में जेके बैंक के पूर्व चेयरमैन मुश्ताक अहमद समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया। ---
सहकारिता विभाग घोटाला
- 2020 में श्रीनगर रिवर झेलम सोसायटी के लिए सहकारिता बैंक के चेयरमैन ने 223 करोड़ रुपये का फर्जी लोन जारी किया। यह सोसायटी किसी खाते में ही नहीं थी। बैंक के चेयरमैन पर केस दर्ज हुआ।
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हुडकु हाउसिंग एक हजार करोड़ का घोटाला
- 2021 में हुडकु एक हजार करोड़ रुपये घोटाला हुआ। एक हजार का लोन दिया गया और बड़े स्तर पर इसका पैसा इधर से उधर हुआ। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ और इसे बेच दिया गया। हाउसिंग कारपोरेशन के अफसरों पर केस दर्ज हुआ।
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चावल निर्यात घोटाला
- 2019 में चावल निर्यात घोटाला सामने आया। 1100 करोड़ रुपये के इस घोटाले में जेके बैंक के कई अफसरों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
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अमन हॉस्पिटैलिटी
- इस फर्म को जेके बैंक की ओर से 270 करोड़ रुपये का लोन दिया गया। जेके बैंक के अफसरों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
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सीबीआई की बढ़ी ताकत
यूटी बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में सीबीआई ने 23 एफआईआर दर्ज की हैं। जबकि इससे पहले सीबीआई के पास सिर्फ केेंद्रीय विभागों में कार्रवाई करने का ही अधिकार था। अब सीबीआई प्रदेश के हर सरकारी विभाग पर बिना किसी अनुमति के कार्रवाई कर सकती है। सीबीआई के पास अब हर साल 200 से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं जो पहले 20 से 30 होती थीं।
- प्रवक्ता, सीबीआई जम्मू